कार्तिक आर्यन
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'सत्यप्रेम की कथा' के बारे में बोलते हुए कार्तिक ने दर्शकों में भावनाएं पैदा करने, खासकर उन्हें रुलाने के प्रति अपना प्यार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मुझे किसी फिल्म में लोगों को हंसाने से ज्यादा रुलाना पसंद है। मुझे लगता है कि सत्यप्रेम की कथा ने बहुत सी बातें साबित की हैं। मैंने ये नाटकीय दृश्य पहले भी किए हैं। वे आमतौर पर कॉमेडी फिल्म में होते थे। उदाहरण के लिए जब आप 'सोनू के टीटू की स्वीटी' देखते हैं तो फिल्म के पहले 30-40 मिनट शुद्ध नाटक हैं... इसमें दोस्तों के बीच शुद्ध भावनाएं हैं, संवाद हैं और ऐसे दृश्य हैं जो आपको दोस्ती के लिए रुलाते हैं, लेकिन यह मुख्य रूप से है एक कॉमेडी फिल्म है इसलिए आप इसकी कॉमेडी पर ध्यान देंगे। आप फिल्म की भावनाओं या ड्रामा पर उतना ध्यान नहीं देते जितना कॉमेडी पर। चाहे वह लुका छुपी जैसी हो, जिसमें भावनात्मक दृश्य थे लेकिन कॉमेडी हावी हो गई थी, लेकिन सत्य प्रेम की कथा में बहुत अधिक संवेदनशीलता और भावनात्मक ड्रामा था।''
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