मुनव्वर फारूकी
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उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, ऐसे कई उदाहरण है, जहां यह स्पष्ट था कि कलाकारों की ‘सेंसरशिप’ के तहत की गई गिरफ्तारी मनमाने तरीके से की गई पाई गई, जो कि देश में कलात्मक और रचनात्मक स्वतंत्रता के लिए काफी हानिकारक है।’’ यह बयान भारतीय प्रवासी समूह ‘प्रोग्रेसिव इंडिया कलेक्टिव’ की अगुवाई में ‘पीईएन अमेरिकाज आर्टिस्ट ऐट रिस्क कनेक्शन‘, ‘फ्रीम्यूज़’ और ‘रीक्लेमिंग इंडिया’ के साथ मिलकर जारी किया गया।