सलमान खान ने इसी साल मार्च में सिविल कोर्ट के ऑर्डर को चैलेंज करते हुए केतन कक्कड़ के खिलाफ मानहानि मुकदमा दायर किया था। लेकिन अभिनेता को वहां से कोई भी पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं मिला था और कोर्ट ने केतन के खिलाफ कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया था। अभिनेता ने मांग की थी कि कोर्ट केतन को उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अपलोड की गई वीडियोज को हटाने और उनके खिलाफ कोई भी कमेंट करने से मना कर दे। लेकिन, कोर्ट ने सलमान को रियायत नहीं दी थी। ऐसे में सलमान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इसपर सलमान के वकील रवि कदम का भी बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कोर्ट के फैसले को गलत बताया था। रवि कदम का कहना था कि, 'केतन कक्कड़ द्वारा अपलोड किए गए वीडियो पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। ये न केवल मानहानिकारक हैं, बल्कि सांप्रदायिक रूप से लोगों को सलमान के खिलाफ भड़काते भी हैं।
केतन ने वीडियो में सलमान की तुलना औरंगजेब और बाबर से की जा रही है।' अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सलमान के वकील ने कहा कि, 'केतन का कहना है कि अयोध्या के मंदिर को बनने में 500 साल का समय लगा और यहां सलमान खान गणेश मंदिर को बंद करवाना चाहते हैं। इन वीडियो पर सलमान खान के खिलाफ कमेंट किए हैं। तो साफ है कि इस वीडियो के जरिए दर्शकों को सलमान के खिलाफ उकसाया जा रहा है। इस केस को पूरी तरह से हिंदू बनाम मुस्लिम बना दिया है।'