उस दौरान किसी एक्टर के लिए तालियां बजती थी तो वो महमूद थे। जब शूट खत्म होता तो महमूद के लिए जमकर तालियां बजाईं जाती थीं। महमूद अकेले ऐसे कॉमेडियन थे, जिनकी तस्वीर फिल्म के पोस्टर में हीरो के साथ होती थी। लोग सिनेमाघरों में महमूद को देखने जाया करते थे। आलम ये था कि डायरेक्टर को भी ये बात अच्छी तरह पता होती थी कि अगर पिक्चर हिट करनी है, तो महमूद को अपनी फिल्म में लेना ही होगा।