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बीमारियों से लड़ने के इन 10 फिल्मों ने दिए अनोखे सबक, एक ने तो चीन में की करोड़ों की कमाई

Mon, 16 Mar 2020 02:11 PM IST
प्रतीक्षा राणावत मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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बॉलीवुड - फोटो : Social Media
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पूरी दुनिया में आज कोरोना वायरस का आंतक मचा हुआ है। समाज में चल रही इस उथल-पुथल में इसकी भयावह स्थिति दर्शाने के लिए फिल्म को लेकर इसका नाम भी रजिस्टर्ड हो गया है। गौरतलब है कि फिल्मों में बीमारियों का वर्णन लंबे समय से होता आ रहा है। अक्सर समाज में व्याप्त ऐसी बीमारियों के बारे में फिल्मों के जरिए प्रकाश डाला गया है साथ ही व्यक्तियों पर पड़ने वाले इसके असर को भी दर्शाया गया है। आज हम आपके सामने ऐसी ही 10 हिंदी फिल्मों का लेखा जोखा लेकर आए हैं जिनमें किरदार विभिन्न बीमारियों से जूझते हुए दिखाई दिए।
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Anand film - फोटो : twitter
आनंद (1971)
साल 1971 में रिलीज हुई यह फिल्म सुपरस्टार राजेश खन्ना की बेहतरीन फिल्मों में एक है। राजेश खन्ना के अलावा इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और सुमिता सान्याल भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में राजेश कैंसर से जूझ रहे होते हैं बावजूद इसके वह मस्तमौला जिंदगी में विश्वास रखते हैं। मरने से पहले भी वह दोस्तों और अपने करीबियों का भला करने का प्रयास करते हैं। इस फिल्म का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया है। करीब 50 सालों बाद यह फिल्म आज भी अपनी बेहतरीन कहानी, अभिनय, निर्देशन और संगीत के लिए याद की जाती है।
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kal ho na ho - फोटो : instagram
कल हो ना हो (2003)
करण जौहर निर्देशित यह फिल्म एक रोमांटिक फिल्म है जिसे आज भी लोग पसंद करते हैं। फिल्म में मुख्य किरदारों में शाहरुख खान, सैफ अली खान और प्रीति जिंटा हैं। फिल्म में अमन माथुर (शाहरुख खान) को हृदयवाहिका रोग होता है। हालांकि इस बात से अनजान नैना (प्रीति जिंटा) उससे प्यार करने लगती है। नैना का भविष्य सुरक्षित करने के लिए अमन, नैना को रोहित पटेल (सैफ अली खान) के करीब भेजने की कोशिश करता है। साल 2003 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई की थी।

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फिल्म ब्लैक में रानी मुखर्जी और अमिताभ - फोटो : सोशल मीडिया
ब्लैक (2005)
संजय लीला भंसाली निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी मुख्य किरदारों में नजर आए। फिल्म में रानी बहरी और अंधी होती हैं। वहीं उनके टीचर बने अमिताभ बच्चन को भी अलजाइमर रोग से पीड़ित दिखाया गया है। दोनों की केमिस्ट्री लाजवाब नजर आई है। इस फिल्म ने कई पुरस्कार अपने नाम किए। यह फिल्म अपने अभिनय और निर्देशन के चलते आज भी हिंदी सिनेमा जगत की कमाल की फिल्मों में शुमार है। अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए अमिताभ बच्चन ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त किया।
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Paa film - फोटो : twitter
पा (2009)
साल 2009 में रिलीज हुई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, विद्या बालन और अभिषेक बच्चन मुख्य किरदारों में नजर आए। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक 12 वर्षीय बच्चे का किरदार अदा किया है जो प्रोगेरिया नामक बीमारी से जूझ रहा है। इस बीमारी में बच्चे का शरीर अपनी उम्र से कहीं अधिक व्यक्ति की तरह बर्ताव करने लगता है। आर बाल्की निर्देशित यह फिल्म अमिताभ बच्चन के लुक के कारण भी सुर्खियों में रही। फिल्म को लोगों से लेकर फिल्म समीक्षकों तक से अच्छी प्रतिक्रिया हासिल हुई थी।
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तारे जमीन पर
तारे जमीन पर (2007)
आमिर खान की इस फिल्म को बच्चों समेत सभी वर्ग के दर्शकों ने पसंद किया। इसमें आमिर खान एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। फिल्म में दर्शील सफारी एक बाल कलाकार के तौर पर दिखे हैं जो डिस्लेक्सिया से पीड़ित है जिस वजह से उसे चीजों को समझने में दिक्कत होती है। इस बारे में उसके घरवालों से लेकर शिक्षकों तक को पता नहीं होता है। आमिर को जब इस बारे में पता चलता है तो वह उस आठ साल के बच्चे की मदद के लिए सभी मुमकिन कोशिश करते हैं और सफलता भी हासिल करते हैं।
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Ghajini film poster - फोटो : file photo
गजनी (2008)
साल 2008 में रिलीज हुई यह फिल्म आमिर खान की हिट फिल्मों में एक है। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता हासिल हुई थी। फिल्म में आमिर एक हादसे के चलते एमनेसिया नामक बीमारी का शिकार हो जाते हैं।  इसमें व्यक्ति  स्मृति में संग्रहीत जानकारी को याद नहीं कर पाता है। यह बीमारी यादों या मेमोरी के एक बड़े पैमाने पर नुकसान को दिखाती है। इसमें व्यक्ति की जिंदगी की महत्वपूर्ण बातें, यादगार घटनाएं और प्रमुख व्यक्ति (दोस्त और रिश्तेदार) शामिल हैं।

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my name is khan - फोटो : social media
माई नेम इज खान (2008)
साल 2008 में रिलीज हुई करण जौहर की यह फिल्म अपने विषय के कारण सफल साबित हुई। इस फिल्म में शाहरुख खान एस्परगर सिंड्रोंम से पीड़ित नजर आए। इसमें व्यक्ति गुमनामी में रहता है। दूसरे लोगों से घुलने-मिलने में उसे परेशानी होती है। अपने मन की बात दूसरों को समझाना इसके लिए मुश्किल होता है। इस सिंड्रोम में बातचीत करने में समस्या होने के साथ-साथ भाषा ज्ञान का भी सही तरह से विकास नहीं हो पाता है। एस्परगर बीमारी से ग्रस्त लोग एक ही तरह का या प्रतिबंधित तरह के आदत या व्यवहार के आदि होते है। फिल्म में शाहरुख के अपोजिट काजोल नजर आईं।

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Barfi
बर्फी (2012)
यह फिल्म रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा के करियर की बेहतरीन फिल्मों में से एक है। फिल्म में रणबीर ने बर्फी नामक व्यक्ति का किरदार अदा किया है जो बचपन से ही गूंगा और बहरा होता है। उसकी मुलाकात मानसिक रूप से दिव्यांग प्रियंका चोपड़ा से होती है। वह ऑटिज्म नामक मानसिक बीमारी से जूझ रही होती है। दोनों एक दूसरे का सहारा बनते जाते हैं। धीरे धीरे दोनों एक दूसरे के करीब आ जाते हैं। फिल्म में दोनों के अभिनय को खूब सराहा गया था। साल 2012 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन अनुराग बासु ने किया था।

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Ranbir Kapoor Anushka Sharma - फोटो : file photo
ऐ दिल है मुश्किल (2016)
रणबीर कपूर, अनुष्का शर्मा और ऐश्वर्या राय अभिनीत यह फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई थी। फिल्म में अनुष्का शर्मा टर्मिनल कैंसर से पीड़ित नजर आई हैं। इसे मरणांतक रोग कहा जाता है जिसमें व्यक्ति की मृत्यु कभी भी हो सकती है। यह एक भावुक और इमोशनल फिल्म है जिसे बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता हासिल हुई थी।

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hichki
हिचकी (2018)
दो साल पहले रिलीज हुई इस फिल्म के माध्यम से रानी मुखर्जी ने वापसी की थी। फिल्म में रानी एक टीचर के रोल में है जो टॉरेट सिंड्रोम से जूझती हुई नजर आई हैं। इसमें व्यक्तियों को बार-बार हिचकी आने के चलते बोलने और समझने में दिक्कत होती है। हालांकि अपने जुझारुपन से वह इसे अपनी ताकत बना लेती हैं। इस फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने किया है। इस फिल्म ने कोरोना के उद्गम स्थल चीन में शानदार कारोबार करते हुए करीब दो सौ करोड़ रुपये की कमाई की।
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