फिल्मों में हीरो और विलेन दोनों ही एक दूसरे के बिना अधूरे होते हैं। इन दोनों की जोड़ी फिल्मों को सुपरहिट बनाती है, लेकिन इन फिल्मों में दर्शकों का ध्यान खास तौर पर इनकी लेडी विलेन खींचती हैं। फिल्म की खलनायिका दर्शकों को शुरू से अंत तक कहानी से बांधे रखती हैं। 70 और 80 के दशक में जब फिल्में बनती थी तो खलनायिकाओं के बिना उन्हें अधूरा माना जाता था। लेडी विलेन का किरदार फिल्म में जान डाल देता था। आज हम आपको बताने जा रहे हैं हिंदी फिल्मों की उन खूंखार खलनायिकाओं के बारे में, जिनके सामने पुरुष खलनायक भी फीके पड़ जाते थे।