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जन्मदिन: तुलसी वीरानी की 'बा' बन हिट हुई थीं सुधा शिवपुरी, पति थे फिल्मों के नामी 'बदमाश'

Wed, 14 Jul 2021 07:02 AM IST
दीपाली श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सुधा शिवपुरी - फोटो : सोशल मीडिया
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की 'बा' आपको जरूर याद होंगी। मशहूर धारावाहिक में बा का किरदार निभाने वालीं एक्ट्रेस सुधा शिवपुरी की 14 जुलाई को बर्थ एनिवर्सरी है। एक्ट्रेस ने शोज से लेकर फिल्मों तक में अपने अभिनय के दम पर दर्शकों का दिल जीता। बहुत ही कम लोग इस बात को जानते हैं कि सुधा ने मशहूर बॉलीवुड एक्टर ओम शिवपुरी से शादी की थी। ओम शिवपुरी लगभग हर फिल्म में निगेटिव किरदार यानी विलेन के रोल के लिए मशहूर थे। सुधा अब भले ही हमारे बीच में नहीं है लेकिन उन्हें आज भी बा के रोल के लिए याद किया जाता है। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं...

सुधा शिवपुरी ने अपने करियर की शुरुआत महज आठ साल की उम्र में ही कर दी थी। इसकी वजह थी सुधा के पिता का निधन हो गया था तो वहीं मां की तबीयत ठीक ना होने की वजह से सारा भार सुधा के कंधों पर आया। छोटी सी उम्र में ही सुधा ने परिवार की जिम्मेदारी उठाई। साल 1968 में सुधा शिवपुरी ने मशहूर एक्टर ओम शिवपुरी से शादी की। 
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सुधा शिवपुरी, ओम शिवपुरी - फोटो : सोशल मीडिया
शादी के बाद भी सुधा दिल्ली में थिएटर में काम करती रहीं। इसके बाद सुधा ने अपनी थिएटर कंपनी खोली जिसके तहत उन्होंने कई सारे नाटक बनाए। इसमें 'आधे अधूरे', 'तुगलक' और विजय तेंदुलकर का 'खामोश: अदालत जारी है' शामिल है। खास बात है कि इन सभी नाटकों में सुधा लीड रोल में नजर आईं। वहीं सभी नाटकों को उनके पति और एक्टर ओम शिवपुरी ने डायरेक्ट किया।
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सुधा शिवपुरी - फोटो : सोशल मीडिया
साल 1974 में सुधा मुंबई शिफ्ट हो गईं। इसके पीछे की वजह ओम शिवपुरी को फिल्मों के ऑफर मिलना था। बासु चैटर्जी की फिल्म 'स्वामी' से सुधा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद वह कई सारी फिल्मों में नजर आईं। इन फिल्मों में 'इंसाफ का तराजू', 'हमारी बहू अलका', 'सावन को आने दो,' 'सुन मेरी लैला', 'बर्निंग ट्रेन', 'विधाता', 'माया मेमसाब' और 'पिंजर' फिल्में शामिल हैं।

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सुधा शिवपुरी - फोटो : सोशल मीडिया
काफी दिनों तक थिएटर में काम करने के बाद सुधा ने इससे ब्रेक लिया और टीवी की ओर अपना रुख किया। सुधा शिवपुरी ने कई धारावाहिकों में काम किया, जिसमें 'आ बैल मुझे मार', 'शीशे के घर', 'वक्त का दरिया', 'दामन', 'संतोषी मां', 'ये घर', 'कसम से' और 'किस देश में है मेरा दिल' है। इन सभी सीरियल्स में से सुधा शिवपुरी का 'बा' का रोल बहुत मशहूर हुआ था।
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सुधा शिवपुरी, स्मृति ईरानी - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्मों की दुनिया में शुरू से ही अपनी अलग पहचान बना चुकीं सुधा शिवपुरी को धारावाहिकों ने भी अलग पहचान दिलाई। लोग उन्हें बा कहकर ही पुकारने लगे थे। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में सुधा शिवपुरी ने स्मृति ईरानी की दादी सास का रोल निभाया था। दर्शकों से बा यानी एक्ट्रेस सुधा को खूब प्यार मिला। साल 2015 में 78 साल की उम्र में सुधा शिवपुरी दुनिया को अलविदा कह गईं।
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