राजा
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
माधुरी दीक्षित का माधुर्य
माधुरी दीक्षित का करिश्मा हिंदी सिनेमा में बेजोड़ रहा है। एक साधारण सी दिखने वाली महाराष्ट्रियन लड़की का हिंदी सिनेमा में शोहरत का सातवां आसमान छू लेना किसी सपने सरीखा ही है। उनकी कामयाबी के अचरज पर ही रामगोपाल वर्मा ने ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ नाम से फिल्म भी बना डाली थी। लेकिन, कम लोगों की ही पता होगा कि माधुरी दीक्षित ने अपने करियर में तमाम मौकों पर ऐसे फैसले लिए हैं जिनके लिए मजबूत कलेजा चाहिए होता है। माधुरी ने राजकुमार संतोषी को फिल्म ‘दामिनी’ के लिए ना कहा। यश चोपड़ा को फिल्म ‘डर’ और ‘चांदनी’ के लिए मना किया और संजय लीला भंसाली को फिल्म ‘खामोशी’ और ‘1942 ए लव स्टोरी’ में काम करने से मना कर दिया था। अपने करियर में सौ के करीब फिल्में लीड रोल में करने वाली माधुरी ने निर्देशक इंद्र कुमार के साथ भी एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। इंद्र कुमार हिंदी सिनेमा के उन बिरले निर्देशकों में से हैं जिनकी डेब्यू से लेकर चार फिल्में ‘दिल’, ‘बेटा’, ‘राजा’ और ‘इश्क’ लगातार सुपर हिट रहीं। और, इनमें से शुरू की तीनों फिल्मों की हीरोइन रहीं माधुरी दीक्षित। ‘इश्क’ भी इंद्र कुमार ने पहले माधुरी को ही ऑफर की थी। उनके मना करने पर फिल्म में जूही चावला का नंबर लगा था। इंद्र कुमार और माधुरी दीक्षित का नाता अब तक कायम है। दोनों ने पिछली फिल्म ‘टोटल धमाल’ में भी साथ काम किया।