पाकीज़ा
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
मोहब्बत का आखिर तक रखा मान
कमाल अमरोही और मीना कुमारी में उम्र का बड़ा फासला था। फिल्म ‘पाकीज़ा’ के रशेज (फिल्म की शूट की हुई रीलें) सुनील दत्त, नरगिस और तमाम दूसरे लोगों ने भी देखे और सबने कमाल अमरोही से यही गुजारिश की कि ये फिल्म पूरी होनी चाहिए। इस पर कमाल अमरोही ने मीना कुमारी को चिट्ठी लिखकर फिल्म पूरी करने की गुजारिश की। और, मीना कुमारी ने तुरंत जवाबी चिट्ठी लिखकर उनकी बात मान ली। लेकिन, शर्त यही रखी कि वह फिल्म का मेहनताना बस एक सोने की गिन्नी के सिवा कुछ न लेंगी। फिल्म दोबारा शुरू हुई तो पहले दिन फिल्माया गया गाना, ‘मौसम है आशिकाना’। मीना कुमारी का बढ़ा हुआ वजन छुपाने को उन्हें कुर्ता और लुंगी पहनाई गई। और, ये कुर्ता लुंगी उस दौर का सबसे मशहूर फैशन ट्रेन्ड हो गई। फिल्म पूरी हुई। कमाल और मीना दोनों ने प्रीमियर पर साथ साथ देखी और इसके बाद कमाल अमरोही की मंजू ने बस एक ही बात उनसे कही, ‘वादा करो, चांद! अब तुम दूसरी कोई फिल्म न बनाओगे।’