इत्तेफाक
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
राजेश खन्ना का हिट की हैट्रिक
लेकिन, फिल्म ‘इत्तेफाक’ की मेकिंग इतनी आसान भी नहीं रही, जितनी लिखने या पढ़ने में लगती है। कहानी के नायक दिलीप रॉय का रोल राजेश खन्ना तक पहुंचने से पहले तमाम दूसरे कलाकारों के आगे से होकर गुजरा। फिल्म की पटकथा जैसे ही बनकर तैयार हुई, यश चोपड़ा इसे लेकर सबसे पहले राजकुमार के पास गए। राजकुमार के साथ यश चोपड़ा ने सुपर हिट फिल्म ‘कानून’ बनाई थी। गाने ‘कानून’ में भी नहीं थे और गाने फिल्म ‘इत्तेफाक’ में भी नहीं है। हीरोइन के लिए ‘कानून’ में काम कर चुकीं नंदा ही यश चोपड़ा के जेहन में थीं। उन्हें एक ऐसी अभिनेत्री चाहिए थी जिस पर आखिर तक किसी दर्शक का शक़ ही न जाए। लेकिन, हीरो को लेकर लोचा हो गया जब राजकुमार ने ये किरदार करने से मना कर दिया। संजय खान से भी बात हुई। उनको कहानी पसंद भी आई। लेकिन बताते हैं जितना पैसा संजय खान ने इस फिल्म के लिए मांगा, वह फिल्म के बजट के हिसाब से ज्यादा था। फिर यश चोपड़ा का ध्यान गया एक नए कलाकार पर, नाम - शत्रुघ्न सिन्हा। शत्रुघ्न ने इस फिल्म में इंस्पेक्टर दीवान वाले किरदार के लिए ऑडीशन दिया था। लेकिन, इसी बीच ये कहानी राजेश खन्ना के पास पहुंच गई। राजेश खन्ना की तब तक दो तीन फिल्में रिलीज हो चुकी थीं और चार पांच फिल्में फ्लोर पर थीं। राजेश खन्ना को सब रोमांटिक हीरो वाले रोल ही दे रहे थे ऐसे में जब उन्हें ये मानसिक रूप से व्यथित कलाकार का किरदार मिला तो उन्होंने इसे तुरंत लपक लिया। यश चोपड़ा की तो जैसे मुंहमागी मुराद पूरी हो गई। राजेश खन्ना ने ये भी वादा कर दिया कि वह इस बारे में पैसे की बात नहीं करेंगे और जो भी फिल्म का बजट होगा उसके हिसाब से ही पैसे ले लेंगे। फिल्म ‘इत्तेफाक’ 1969 में ‘बंधन’ और ‘आराधना’ के बाद रिलीज हुई और राजेश खन्ना की हिट फिल्मों की पहली हैट्रिक की तीसरी फिल्म बनी।