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Aryan Khan: क्रूज ड्रग्स केस में एक और बड़ा खुलासा, आर्यन खान को छोड़ने के लिए नहीं हुई थी कोई डील, जांच में नहीं मिले सबूत

Mon, 30 May 2022 01:29 AM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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आर्यन खान - फोटो : सोशल मीडिया
मुंबई। क्रूज ड्रग्स मामले में आर्यन को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत से छुड़ाने के लिए कोई डील नहीं हुई थी। एनसीबी की विजिलेंस जांच में ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह पुष्टि हो सके कि एनसीबी मुंबई की क्षेत्रीय यूनिट ने आर्यन को छोड़ने के लिए पैसे की मांग की थी। पिछले साल 2 अक्तूबर को क्रूज पर छापे के बाद आर्यन सहित 20 लोग गिरफ्तार किए गए थे। इस मामले में एक गवाह प्रभाकर सेल ने हलफनामे और मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि आर्यन को छोड़ने के लिए कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
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आर्यन खान - फोटो : इंस्टाग्राम
इसके तुरंत बाद एनसीबी के महानिदेशक एसएन प्रधान ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे। सेल ने दावा किया था कि 3 अक्तूबर को उन्होंने केपी गोसावी को सैम डिसूजा के साथ शाहरुख की मैनेजर पूजा ददलानी से मिलते हुए देखा था। उन्होंने अपने हलफनामे में कहा था कि उन्होंने दो बैग एकत्र किए थे, जिसमें 38 लाख रुपये थे। जबकि एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने वसूली के आरोप से इनकार किया था।
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प्रभाकर सेल - फोटो : सोशल मीडिया
18 करोड़ में पक्की हुई थी डील, वानखेडे को मिलने थे 8 करोड़
गवाह प्रभाकर सेल ने कहा था कि क्रूज पर छापे के दौरान वह मौजूद था। उसने गोसावी को सैम डिसूजा नामक व्यक्ति के साथ फोन पर बात करते हुए सुना था। दोनों के बीच आर्यन को छोड़ने के लिए 18 करोड़ में डील पक्की हुई थी। इसमें से 8 करोड़ रुपये तत्कालीन मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े को दिए जाने थे। 40 वर्षीय प्रभाकर सेल कथित तौर पर वसूली के सूत्रधार रहे केपी गोसावी का बॉडीगार्ड था। बीते अप्रैल में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। वहीं, गोसावी वर्तमान में एक धोखाधड़ी मामले में पुणे की जेल में बंद है।
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समीर वानखेड़े - फोटो : ANI
खंगाले सीसीटीवी फुटेज, नहीं मिले वसूली के सबूत
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस टीम ने समीर वानखेड़े से लेकर वीवी सिंह, आशीष रंजन प्रसाद जैसे अधिकारियों समेत शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी से पूछताछ की और बयान लिए हैं। टीम ने नकदी के लेनदेन वाली कथित जगह मंत्रालय के आसपास, ताड़देव, ट्रईडेंट होटल और नवी मुंबई के वाशी में सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। इसमें पाया गया है कि आर्यन के परिवार से जबरन वसूली के आरोप सही नहीं हैं क्योंकि आरोप की पुष्टि करने वाले के पास कोई भौतिक और तकनीकी सुबूत नहीं थे। एनसीबी के उप महानिदेशक (उत्तरी क्षेत्र) ज्ञानेश्वर सिंह द्वारा की गई जांच की अंतिम रिपोर्ट जल्द ही एनसीबी के महानिदेशक एसएन प्रधान को सौंपे जाने की उम्मीद है।
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