जंग बहादुर सिंह की जवानी के समय की तस्वीर
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बिना माइक के कोसों दूर तक जाती है आवाज
1920 में बिहार के सिवान में जन्मे जंग बहादुर सिंह को बचपन से ही गाने में रुचि थी। वह पश्चिम बंगाल के आसनसोल में सेनरेले साइकिल कारखाने में नौकरी किया करते थे। जंग बहादुर सिंह ने भोजपुरी की व्यास शैली में खूब गाने गाए हैं। उन्होंने झरिया, धनबाद, दुर्गापुर, रांची समेत अन्य क्षेत्रों में भी अपनी आवाज के जादू को लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया और देशभक्तों के लिए खूब गाने गाए थे। वह एक ऐसे गायक हैं, जिन्हें माइक की भी जरूरत नहीं होती और उनकी आवाज कोसों दूर तक चली जाती है।