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चित्रकारी में गोल्ड मेडेलिस्ट थीं भानु अथैया, ऑस्कर सहित जीते थे दो राष्ट्रीय पुरस्कार

Thu, 15 Oct 2020 07:20 PM IST
anand anand बीबीसी हिंदी
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भानु अथैया - फोटो : twitter: @IndianHistoryX
भारत की पहली ऑस्कर विजेता और सिनेमा जगत की जानी-मानी कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानू अथैया का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वो ब्रेन ट्यूमर की वजह से बीते तीन सालों से बिस्तर पर थीं और गुरुवार सुबह नींद में ही उनकी मौत हो गई। भानू अथैया को साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म 'गांधी' में कॉस्ट्यूम डिजाइन करने के लिए ऑस्कर पुरस्कार दिया गया था। इस फिल्म को ब्रिटिश निर्देशक रिचर्ड ऑटेनबॉरो ने बनाया था।
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भानु अथैया - फोटो : file photo
50 के दशक से भारतीय सिनेमा में सक्रिय भानू अथैया ने 100 से ज्यादा फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन किए। ऑस्कर के अलावा उन्हें दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। आमिर खान की फिल्म लगान और शाहरुख खान की फिल्म स्वदेस में उन्होंने आखिरी बार कॉस्ट्यूम डिजाइन किए थे। साल 2012 में भानु अथैया ने ऑस्कर ट्रॉफी को लौटाने की इच्छा जताई थी। वो चाहती थीं कि उनके जाने के बाद ऑस्कर ट्रॉफी को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।
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भानु अथैया - फोटो : file photo
तब बीबीसी से बातचीत में भानू अथैया ने कहा था, "सबसे बड़ा सवाल ट्रॉफी की सुरक्षा का है, भारत में पहले कई अवॉर्ड गायब हुए है। मैने इतने सालों तक अवॉर्ड को इंजॉय किया है, चाहती हूँ कि वो आगे भी सुरक्षित रहे।" उन्होंने कहा था, "मैं अक्सर ऑस्कर ऑफिस जाती हूँ, मैने देखा कि वहां कई लोगों ने अपने ट्रॉफी रखे हैं। अमरीकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर एडिथ हेड ने भी मरने से पहले अपने आठ ऑस्कर ट्रॉफियों को ऑस्कर ऑफिस में रखवाया था।"

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भानु अथैया - फोटो : file photo
भानू अथैया ने ऑस्कर समारोह की उस शाम को याद करते हुए कहा था, "डोरोथी शिंडलेयर पवेलियन में हो रहे समारोह में गाड़ी से मेरे साथ फिल्म के लेखक भी जा रहे थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि अवॉर्ड मुझे ही मिलेगा। साल 1983 के ऑस्कर समारोह में बैठे दूसरे डिजाइनर्स भी यही कह रहे थे कि अवॉर्ड मुझे ही मिलेगा। मैंने पूछा कि ऐसा इतने विश्वास से आप कैसे कह सकते हैं? इस सवाल पर उन लोगों ने मुझे जवाब दिया कि आपकी फिल्म का दायरा इतना बड़ा है कि उससे हम प्रतियोगिता नहीं कर सकते है।"
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भानु अथैया - फोटो : file photo
"अवार्ड लेते वक्त मैंने सिर्फ यही कहा था कि मैं सर रिचर्ड ऑटेनबरो का शुक्रिया अदा करती हूँ कि उन्होंने दुनिया का ध्यान भारत की तरफ खींचा... धन्यवाद अकादमी।" भानू चित्रकारी में गोल्ड मेडेलिस्ट भी थीं और यही वजह थी कि रिचर्ड ऑटेनबॉरो ने उन्हें अपनी फिल्म में चुना था। भानू अथैया का मानना था कि अगर उनकी ट्रॉफी ऑस्कर के दफ्तर में रखी जाएगी तो ज्यादा लोग इसे देख पाएंगे।

पढ़ें: Bhanu Athaiya: सिर्फ असली नाम ही नहीं, जानिए भानु अथैया की जिंदगी का सफर
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