राजेश खन्ना नाम का तिलिस्म जो कभी हिंदी सिनेमा के दीवानों के सिर चढ़कर बोलता रहा, उस नाम का करिश्मा आज भी उनकी फिल्मों के रूप में उनके चाहने वालों के दिलों में बसता है। राजेश खन्ना को हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने लगातार 15 हिट फिल्में दीं। लेकिन क्या आपको पता है कि ये 15 हिट फिल्में कौन सी हैं, और कौन सी है वह फिल्म जिसने हिट के इस सिलसिले को तोड़ा और आखिर कौन सी वह फिल्म है जो इन 15 फिल्मों में शामिल नहीं है? चलिए आपका सिनेमा का सामान्य ज्ञान थोड़ा और बढ़ाते हैं। राजेश खन्ना का सितारा चमका था फिल्म आराधना से। इसके बाद उनकी लाइन से रिलीज हुई फिल्में डोली, बंधन, इत्तेफाक, दो रास्ते, खामोशी, सफर, द ट्रेन, कटी पतंग, सच्चा झूठा, आन मिलो सजना, महबूब की मेहंदी, छोटी बहू, आनंद और हाथी मेरे साथी सुपरहिट रहीं।
ये सिलसिला 1971 में रिलीज फिल्म बदनाम फरिश्ते से टूटा। इन सोलो हिट फिल्मों में दो मल्टीस्टारर फिल्मों अंदाज और मर्यादा की गिनती भी की जाए तो संख्या 17 तक जा सकती है। तीन साल में 15 सुपरहिट फिल्में देना बहुत बड़ी बात है। राजेश खन्ना के साथ इससे बड़ी बात जुड़ी साल 1972 में 11 फिल्मों की रिलीज के चलते। और 1973 में तो खैर अमिताभ बच्चन की जंजीर रिलीज हो ही गई। तीन साल में ही सुपरस्टार बन बैठे राजेश खन्ना को एक नए और निराले अंदाज में पेश करने वाली फिल्म बावर्ची ही आज हमारे बाइस्कोप की फिल्म है और ये फिल्म राजेश खन्ना के करियर की इसलिए बिल्कुल अलग फिल्म मानी जाती है क्योंकि इसमें फिल्म के निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने उनसे वह सब कराया ही नहीं जिसके चलते राजेश खन्ना सुपरस्टार बने।