Ayushmann Khurrana
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कहा जाता है कि इंसान को शायर बनाने में किसी सदमे या दर्द का हाथ होता है। आप भी खूब शेरो-शायरी करते हैं। क्या आप ऐसे ही किसी वजह का शिकार हुए?
मैं इसपर विश्वास नहीं करता। मुझे लगता है कि अगर आप हमेशा किसी हादसे के इंतजार में रहेंगे तो कभी कुछ लिख नहीं पाएंगे और बर्बाद हो जाएंगे। हर किसी के लिखने की प्रेरणा अलग होती है। मेरी प्रेरणा है कि अगर मैं जिंदगी में खुश हूं और सब सही चल रहा है, अच्छी नींद आ रही है, अच्छा खाना मिल रहा है तो मैं कुछ लिख सकता हूं, या फिर अभिनय कर सकता हूं। अच्छा लिखने के लिए दिल को धक्का लगना जरूरी नहीं है। युवाओं के लिए यह बहुत ही गलत धारणा है।