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Save Soil: एशिया के सबसे बड़े हिप-हॉप स्कूल में पहुंचे सदगुरु, बच्चों की प्रतिभा ने जीता दिल

Fri, 17 Jun 2022 02:33 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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'द धारावी ड्रीम प्रोजेक्ट' - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एशिया के सबसे बड़े हिप-हॉप स्कूल 'द धारावी ड्रीम प्रोजेक्ट' (टीडीडीपी) की प्रतिभाएं दुनियाभर में अपना डंका बजा रही हैं। अब यहां मोटिवेशनल लीडर जगदीश वासुदेव उर्फ सदगुरू जी बच्चों के बीच पहुंचे। दरअसल वह यहां अपने 'मिट्टी बचाओ अभियान' के इवेंट 'बैक 2 द रूट्स जैम' के लिए यहां आए, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। प्रतिभाशाली बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ अपना शानदार नृत्य सदगुरू के सामने प्रस्तुत किया। बच्चों के प्रयास ने सदगुरू का दिल जीत लिया। बता दें कि टीडीडीपी का 'बैक टू द रूट्स जैम' का वॉल्यूम 2 हिप-हॉप के जरिए दुनिया को कुछ लौटाने की दिशा में एक कदम है। दरअसल यह सदगुरू के 'मिट्टी बचाओ अभियान' के साथ चलने वाला कदम है।
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Sadhguru - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सदगुरू ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
टीडीडीपी के प्रतिभाशाली बच्चों ने सदगुरू के सामने रैप, हिप हॉप और क्लासिकल डांस प्रस्तुत किया, जो उन्होंने धारावी ड्रीम प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में सीखा है। बता दें कि धारावी ड्रीम प्रोजेक्ट का मकसद डांस और म्यूजिक के जरिए बच्चों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। बच्चों ने इवेंट के दौरान दुनिया को पर्यावरण संकट से बचाने का संदेश देने वाला डांस विविध शैली में पेश किया। 'बैक 2 द रूट्स जैम: वॉल्यूम 2' को लेकर सदगुरू ने कहा, 'धारावी ड्रीम प्रोजेक्ट के प्यारे बच्चों आपके डांस और हमारी धरती को बचाने की आपकी कोशिश ने मेरा दिल छू लिया है। आपके दिलों में जो प्यार है, वह महाराष्ट्र की धरती को फिर से भर दे। चलो इसे साकार करते हैं।' 
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सद्गुरु - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इस स्कूल से की साझेदारी
बता दें कि सगुरू के इस कैंपेन के लिए धारावी के हिप-हॉप स्कूल ने कथक के एक स्कूल अमारा नृत्य कला हंसा (ANKH) से साझेदारी की है। ब्रेकडांसिंग और कथक का एक अनूठा संगम दिखाने के लिए दो अलग-अलग स्कूल एक साथ आ रहे हैं। नृत्य की दो शैलियों के जरिए दोनों स्कूल दुनिया के सबसे जरूर मुद्दे यानी पर्यावरण संरक्षण की आवाज बनेंगे। इस साझेदारी के जरिए टीडीडीपी, एएनकेएच और सदगुरू तीनों को उम्मीद है कि कला की विविधता के जरिए जिंदगी और धरती को बचाने में मदद मिल सकती है।
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सद्गुरु - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
क्या है टीडीडीपी?
वर्ष 2016 में स्वर्गीय समीर बंगारा और उनके सलाहकार डॉली रतेश्वर ने टीडीडीपी की शुरुआत की थी। इसके जरिए स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने और सशक्त बनाने का सपना देखा गया था। इसमें एआर रहमान और फिल्म निर्माता शेखर कपूर मददगार बने। तब से टीडीडीपी ब्रेकडांसिंग, बीटबॉक्सिंग और रैपिंग की क्लासेज चला रहा है। यहां सैंकड़ों बच्चे ऑनलाइन क्लास लेते हैं तो वहीं कुछ स्कूल में आकर सीखते हैं। धारावी प्रोजेक्ट की ऑनलाइन क्लासेज सिर्फ देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंच चुकी हैं।
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