आशीष विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
‘मैं अपने मां, बाबा का आशीष’
और, इस दौरान माता पिता का कितना आशीर्वाद मिला? इस सवाल पर ही आशीष भावुक हो जाते हैं। कहते हैं, ‘मैं अपने मां, बाबा का ही आशीष हूं। वे मेरा हर नाटक देखने आते थे। ये वह समय था जब माता पिता अपने बच्चों को डॉक्टर या इंजीनियर ही बनाना चाहते रहे होंगे। लेकिन, मेरे अभिनय के क्षेत्र में जाने को मेरे मां, बाबा का पूरा आशीर्वाद मिला। हम सब लोग जो भी हैं, जहां भी हैं, ना जाने कितने लोगों के आशीष से बने हैं, ना जाने कितने लोगों के धक्कों से बने हैं।’