आशा पारेख और राजेश खन्ना
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आशा पारेख कहती हैं कि इस तरह का स्टारडम उन्होंने या तो देव आनंद का देखा, या फिर राजेश खन्ना का। उन्होंने कहा, 'दीवाने थे प्रशंसक देव साहब के। जब हम एक साथ 'महल' फिल्म की शूटिंग कर रहे थे तो हमें कई बार उस फिल्म की शूटिंग रद्द करनी पड़ी। वहां लोग देव साहब के लिए बेकाबू थे। लोग उन्हें छूना चाहते थे, उन्हें चूमना चाहते थे, उनके गले लगना चाहते थे। ठीक वैसी ही दीवानगी मैंने राजेश खन्ना के लिए भी देखी।'