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Asha Bhosle Exclusive: आशा भोसले बोलीं, 90 साल की हूं, अब भी खड़ी हूं, गाने गा रही हूं, खाना भी बनाती हूं

Thu, 07 Sep 2023 08:06 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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आशा भोसले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हिंदी सिनेमा के कलाकारों में सबसे बुजुर्ग अभिनेता धर्मेंद्र माने जाते हैं जो 87 साल की उम्र में भी लगातार अभिनय में सक्रिय हैं, लेकिन पार्श्वगायिका आशा भोसले उनसे भी तीन कदम आगे हैं। जी हां, 8 सितंबर को आशा भोसले अपना 90वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। इसी तारीख को 1933 को जन्मी आशा भोसले 10 साल की उम्र से ही गा रही है और अब तक सब भाषाओं में मिलाकर कहा जाता है कि करीब 12 हजार गाने गा चुकी हैं। आशा भोसले की गायिकी में एक खास बात नजर यह आती है कि जिस भी नायिका के लिए वह गाती हैं, ऐसा लगता है कि वह नायिकी खुद ही गा रही हैं। हाल ही में एक मुलाकात के दौरान आशा भोसले ने फिल्म 'जमाने को दिखाना है' के गाने 'पूछो न यार क्या हुआ' लेकर एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।
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पद्मिनी कोल्हापुरी, आशा भोसले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों में बाल कलाकार के तौर पर की। फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' में उन पर फिल्माया गीत 'यशोमती मैया से बोले नंदलाला' आज भी  खूब लोकप्रिय है। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत निर्देशन में यह गीत लता मंगेशकर ने मन्ना डे के साथ गाया था। फिल्म 'प्रेम रोग' से पहले पद्मिनी कोल्हापुरे और ऋषि कपूर ने 'जमाने को दिखाना है' में काम किया था। आर डी बर्मन के संगीत निर्देशन में इस फिल्म के गाने आशा भोसले ने गाए थे।
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आशा भोसले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आशा भोसले कहती हैं, 'जब पद्मिनी को पता चला कि 'जमाने को दिखाना है' का म्यूजिक आर डी बर्मन देने वाले हैं और उसके गीत मैं गाने वाली हूं तो वह मुझसे मिलने आई और बोली कि बुआ, अब मैं जवान हो गई हूं। मेरे लिए आप बच्ची जैसे गाना मत गाना। उसकी यह बात सुनकर खूब जोर से हंसी और बोली कि अभी कहां जवान हुई है, अभी तो तू 17 साल की हुई है। खैर, मैंने जब यह बात बर्मन दा की बताई तो उन्होंने कहा कि कुछ नया करते हैं। और, फिर इस तरह से मैने 'पूछो ना यार क्या हुआ, दिल का करार क्या हुआ,तुमपे हम मर मिटे हैं अभी से,जाने हमारा आगे क्या होगा' गाया।'

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आशा भोसले, आनंद भोसले, जेनाई भोसले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आशा भोसले अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे की रिश्ते में बुआ लगती हैं। दरअसल, आशा भोसले के पिता दीनानाथ मंगेशकर और पद्मिनी कोल्हापुरे की दादी भाई-बहन थे। ऐसे में पद्मिनी कोल्हापुरे, आशा भोसले और लता मंगेशकर की रिश्ते में भतीजी लगती हैं। आशा भोसले कहती हैं, 'मैंने  अपने 80 साल के गायन करियर में हर तरह के गाने गाए हैं, चाहे दर्द भरे गीत हो, रोमांटिक या फिर नृत्य पर आधरित। जब लोगों से यह कहते सुनती हूं कि दुखी होने पर जब आपके गाने सुनते हैं तो दिल को बहुत सुकून मिलता है। यह सुनकर बहुत खुशी होती है। और, ईश्वर का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होंने मुझे इस काबिल बनाया।'
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आशा भोसले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आशा भोसले कहती हैं, 'मैंने  10 साल की उम्र में गाना शुरू किया। जब मुंबई 1945 में आई तभी से गा रही हूं। पुरानी बातें, पुराने लोग, पुराने म्यूजिक डायरेक्टर के बारे में सोचती हूं, तो मुझे लगता है कि मैं कुछ भी नहीं हूं। मैं 90 साल की हो गई हूं ऐसा लोगो को लगता है। लेकिन मुझको लगता ही नहीं कि मैं बड़ी हो गई हूं। मुझे ऐसा भी नहीं लगता कि मैने कुछ अजीब काम किया है। ऊपर वाला बैठा है, वह कराता है और हम करते जाते हैं। नसीब से हम हर चीज करते हैं। मेरा बेटा आनंद मेरी रीढ़ की हड्डी है, उसके सहारे से खड़ी हूं। वह कुछ कहता ही नहीं है, लेकिन मैं उसकी मां हूं बिना उसके कुछ बोले ही समझ जाती हूं कि वह क्या कहना चाहता है।'
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आशा भोसले, आरडी बर्मन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
उम्र तो महज एक आंकड़ा होता है। आशा भोसले कहती हैं, 'उम्र तो बढ़ती है, लेकिन दिल हमेशा जवान रहता है। 90 साल की उम्र में अभी भी खड़ी हूं, गाना गा रही हूं और अपने बच्चों के लिए अभी भी खानी पकाती हूं। शुरू से ही काम के साथ- साथ मेरा परिवार मेरी पहली प्राथमिकता थी। मैने जिंदगी में  बहुत लकलीफें उठाई है। तीन बच्चों की अकेले परवरिश करके उनकी शादियां की। काम से भाग कर घर पर आकर खाना बनाती थी। लेकिन इससे कभी मेरा काम प्रभावित नहीं हुआ। यह सब सारी बाते सबको पता है, इसीलिए सब मुझे ताई कहकर बुलाते हैं।'
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