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B'day Spl: अरशद वारसी की 'सेल्समैन' से 'सर्किट' बनने की पूरी कहानी, नहीं मिला था मां-बाप का साया

Fri, 19 Apr 2019 06:34 AM IST
अरविंद अरविंद एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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अरशद वारसी - फोटो : social media
बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी कल 19 अप्रैल को अपना 51वा जन्मदिन सेलिब्रेट करेंगे। वह 1968 को मुंबई में जन्मे थे। बचपन में ही अरशद के सिर मां-बाप का साया उठ गया था। अरशद की शुरुआती शिक्षा नासिक, महाराष्ट्र में हुई थी। बता दें कि अरशद ने सिर्फ दसवीं क्लास तक ही पढ़ाई की है।
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Arshad warsi bike
स्कूल छोड़ने के बाद अरशद ने महज 17 साल की उम्र में ही सेल्समैन की नौकरी करना शुरू कर दिया था। इसमें वह घर-घर जाकर कॉस्मेटिक्स का सामान बेचा करते थे। फिर अभिनेता ने फोटो लैब में काम सीखा इस दौरान उन्होंने डांस में भी दिलचस्पी दिखाई। 
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बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी
इसके लिए उन्होंने एक डांसिंग ग्रुप ज्वॉइन किया और इंडिया डांस कॉम्पिटीशन का खिताब (1991) अपने नाम किया। इसी जगह पर उनकी मुलाकात मारिया गोरेट्टी से हुई जिससे उन्होंने 1993 में शादी भी की। अरशद के दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी है।

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arshad warsi
आपको बता दें कि इससे पहले साल 1987 में वह बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने महेश भट्ट के साथ ठिकाना और काश जैसी फिल्मों की बागडोर संभाली थी। अरशद को शुरुआत से ही डांस और कोरियोग्राफी में दिलचस्पी थी। साल 1993 में उनको  फिल्म 'रूप की रानी चोरों का राजा' का टाइटल ट्रैक कोरियोग्राफ करने का मौका मिला था।
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Arshad warsi bike
वहीं, कोरियोग्राफी में कामयाबी हासिल होने के बाद उन्हें बतौर एक्टर 1996 में फिल्म तेरे-मेरे सपने में काम करने का मौका मिला। अरशद की किस्मत यहां भी रंग लाई और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई। सबसे बड़ी बात यह है कि इस फिल्म में मौका उन्हें जया बच्चन ने दिया था।
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Munna Bhai MBBS
अभी भी अरशद को स्टारडम और दर्शकों की नजरों में पहचान नहीं मिली थी, लेकिन अरशद ने फिल्म इंडस्ट्री का दामन नहीं छोड़ा और मेहनत करते रहे। साल 2003 में उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट आया। इस साल उन्हें राजकुमार हिरानी निर्देशित फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस में बड़ा ब्रेक मिला। यहां से उन्हें अरशद की जगह सर्किट के नाम से नई पहचान मिली।
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MUNNA BHAI - फोटो : SELF
आज भी अरशद अपने फैन्स और बॉलीवुड में सर्किट के नाम से मशूहर हैं। फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस उनके करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्म है।  इसके बाद साल 2006 में आई फिल्म 'लगे रहो मुन्ना भाई' ने भी उनके करियर में चार चांद लगा दिए थे। अरशद को इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।
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golmaal again
अरशद का कॉमिक स्टाइल निर्देशक रोहित शेट्टी को बेहद पसंद आया और उन्होंने सर्किट को अपनी फिल्म गोलमाल के लिए सिलेक्ट कर लिया। गोलमाल की सभी सीरीज में अरशद को देखा गया है। साल 2013 में फिल्म 'जॉली एलएलबी' से भी अभिनेता को नई पहचान मिली। अरशद की बाकी की फिल्मों में ‘इश्किया’, ‘डेढ़ इश्किया’, ‘गुड्डू रंगीला’, 'फ्रॉड सैय्यां' और 'भैयाजी सुपरहिट' शामिल हैं। 
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