anushka sharma
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आपने अब तक जितनी फिल्में बतौर निर्माता बनाई हैं, उनमें कहानियां महिला किरदारों के नजरिये से ही कही गई हैं, इसके पीछे कोई सोची समझी वजह?
ये एक संयोग है। फिर क्या है कि लड़कियों की कहानियां हमेशा एक मजबूत संदेश लेकर आती हैं। ये कहानियां मजबूत इसलिए भी होती हैं क्योंकि हमारे आसपास भी जो महिला किरदार होते हैं, उनकी गहराई ज्यादा होती है। आप देखेंगे कि महिला किरदारों की कहानियां हमें बहुत ज्यादा सुनाई भी नहीं गईं। आमतौर पर जो फिल्में हमारे देश में बनी हैं, उनमें से ज्यादातर जिंदगी को किसी पुरुष को नजरिये से देखा जाता है। कहानी के महिला किरदार उतनी गहराई से नहीं दिखाए जाते। हम ऐसी ही कहानियां बोलना चाहते हैं जिनमें महिला किरदारों के नजरिये से कोई बात कही जा रही है। क्योंकि, इसमें एक नयापन है। क्योंकि, हममें से ज्यादातर लोगों ने उस प्वाइंट ऑफ व्यू की कहानी सुनी ही नहीं। यह कहानियां कहने का हमारा नजरिया है। हम खुश हैं कि लोगों को ये दिख रहा है और उसकी तारीफ भी हो रही है।