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आखिर क्यों इस्तीफा देने को मजबूर हुए अनुपम खेर, वजह कहीं मनमोहन सिंह तो नहीं?

Wed, 14 Nov 2018 06:30 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला
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anupam kher - फोटो : file photo
अनुपम खेर को क्या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ करना भारी पड़ा और उन्हें फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट पुणे के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना पड़ गया। अटकलों का बाजार गर्म है। जानकार कह रहे हैं कि भाजपा समर्थक खेर ने जब 27 अक्तूबर को ट्विटर पर मनमोहन सिंह की तारीफ की तो कई लोगों की भौंहें तन गई। इसके दो दिन बाद 11 महीनों से रुकी पड़ी एफटीआईआई की गवर्निंग काउंसिल के गठन पर फैसला हुआ तो लगा कि अब संस्थान के रुके हुए फैसले रफ्तार पकड़ेंगे। 
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anupam kher - फोटो : file photo
खेर के मार्गदर्शन में इंस्टीट्यूट के काम को गति मिलेगी, परंतु अगले ही दिन खेर ने इस्तीफे की घोषणा कर दी। इससे इंस्टीट्यूट के छात्र और काउंसिल के सदस्य हैरान रह गए। अब इस्तीफे पर तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं। अनुपम मनमोहन सिंह के यूपीए कार्यकाल पर आधारित फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री की भूमिका निभा रहे हैं। वह हमेशा भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक रहे हैं। उन्होंने कई बार कांग्रेस और उसके नेतृत्व में पिछली सरकारों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मनमोहन सिंह की आलोचना भी की। 
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Anupam Kher - फोटो : file photo
इस फिल्म की शूटिंग खत्म होने तक अनुपम खेर का हृदय परिवर्तन हो गया। सिंह की भूमिका निभाते हुए अनुपम को कुछ अनुभव हुए कि उन्होंने ईमानदारी से मनमोहन के बारे में कह दिया कि इतिहास आपका गलत आकलन नहीं करेगा। वह यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि यह मेरे दिल के करीब फिल्मों में से है। मनमोहन सिंह के रूप में मुझे बतौर अभिनेता उन्हें जीने और उनकी जीवन की यात्रा करने का मौका मिला, उसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। अनुपम ने कहा कि यह रोल निभाते हुए मैंने बहुत कुछ सीखा। 

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anupam kher - फोटो : file photo
अनुपम ने इसे उन्होंने ग्रेट लर्निंग एक्सपीरियंस बताते हुए कहा कि एक बात तय है कि इतिहास आपका गलत आकलन नहीं करेगा। मनमोहन को लेकर खेर की एकाएक राय बदल जाना कई लोगों के गले नहीं उतरा। फिल्म से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि इसमें मनमोहन सिंह के बारे में ऐसी कई बातें सामने आएंगी जो उनके विरोधियों के साथ कांग्रेस को भी पसंद नहीं आएंगी। माना जा रहा है कि फिल्म के बाद खेर भी अपने वर्तमान बयानों के पश्चात नहीं कह सकेंगे कि बतौर एक्टर उन्होंने सब किया और कहा। अत: पहले ही उन्होंने मर्जी अथवा दबाव में खुद को सरकारी जिम्मेदारी से मुक्त कर लिया।
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Anupam Kher - फोटो : file photo
हंसल मेहता क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं और विजय रत्नाकर गुट्टे ने इसे डायरेक्ट किया है। सूत्रों के मुताबिक अनुपम खेर द्वारा मनमोहन सिंह का किरदार निभाने तक सब ठीक था परंतु इसके आगे की बातें उनके राजनीतिक विचारों के लिए मुश्किलें पैदा करने वाली रहीं। यही कारण है कि मनमोहन की तारीफ के तीन ही दिन बाद 31 अक्तूबर को उन्होंने एटीआईआई के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। कारण बताया कि वह 2018 से 2019 के आगामी नौ महीनों में बहुत व्यस्त रहने वाले हैं और उन्हें अमेरिका में रहना होगा। लोग सवाल उठा रहे हैं क्योंकि पिछले साल अक्तूबर में नियुक्ति के बाद भी वह इस जिम्मेदारी के समानांतर फिल्मों में व्यस्त थे। अत: अनुपम खेर द्वारा अचानक इस इस्तीफे पर माना जा रहा है कि अंदर की कहानी कुछ और है। जो आने वाले दिनों में सामने आ सकती है।
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Anupam Kher - फोटो : file photo
विवादित होगा ट्रेलर: इधर फिल्म की रिलीज डेट अभी डांवाडोल है। हालांकि मीडिया में फिल्म का प्रचार शुरू नहीं हुआ है और 21 दिसंबर को शाहरुख खान की जीरो के अपोजिट इसे लाने की बातें चल रही हैं। मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की किताब पर बनी फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि निर्माता फिल्म का आनन-फानन में प्रचार करके रिलीज करेंगे। यह नई रणनीति होगी। सूत्रों का दावा है कि ट्रेलर धमाकेदार होगा और जबर्दस्त विवाद खड़ा करेगा। इसी बवंडर के हफ्ते डेढ़ में जो प्रचार मिलेगा, उसके बीच फिल्म को रिलीज कर दिया जाएगा। तब यह फिल्म शाहरुख की फिल्म के लिए मुश्किलें खड़ी करेगी।
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