anand bakshi
आनंद बख्शी को रिकॉर्ड ब्रेकिंग फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के 40 नॉमिनेशंस मिले थे, लेकिन इतनी बार नॉमिनेट होने वाले दिग्गज को केवल चार बार ही अवॉर्ड से नवाजा गया। आनंद ने इंटस्ट्री के मशहूर और बड़े-बड़े म्यूजिक कम्पोजर्स के साथ काम किया। हालांकि, उनकी जोड़ी आरडी बर्मन के साथ खूब जमीं। उन दोनों ने मिलकर कई शानदार गाने इस बॉलीवुड को दिए। फिल्म 'एक दूजे के लिए' के गाने 'तेरे मेरे बीच में', 'ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे', 'ओम शांति ओम', 'आदमी मुसाफिर है', 'महबूबा महबूबा', 'हम तुम एक कमरे में बंद हों', 'कोरा कागज था', 'सावन का महीना', ऐसे ही और भी कई सदाबहार गीत आनंद ने इंडस्ट्री को दिए। इन गानों का जलवा आज भी उसी तरह कायम है, जितना पहले के जमाने में था। अपने आखिरी समय में वह दिल की बीमारी से जूझ रहे थे। दरअसल, उन्हें स्मोकिंग की आदत थी, जो उनकी मौत की वजह भी बनी। 30 मार्च 2002 को आनंद बख्शी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया और अपने पीछे छोड़ गए अनगिनत बेहतरीन गाने, जिनके जरिए वह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।