फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौत से जूझ रहे अमिताभ बच्चन के पोस्टर से भरी पड़ी थीं सड़कें, फैंस मांग रहे थे सलामती की दुआ

Fri, 02 Aug 2019 01:57 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
coolie

अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड को एक से बढ़ कर एक बेहतरीन फिल्में दी हैं। 1983 में बनी 'कुली' भी उन्हीं फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जिससे आप जरूर रूबरू होंगे लेकिन इस फिल्म ने अमिताभ को मौत की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया था। सौम्य बंदोपाध्याय ने अपनी किताब 'अमिताभ बच्चन' में कुली के दौरान हुए हादसे का जिक्र किया है।

विज्ञापन

2 of 7
coolie
2 दिसंबर 1983 को 'कुली' रिलीज हुई थी। फिल्म ने कामयाबी की नई इबारत लिखी और इसके साथ ही पुनीत इस्सर राष्ट्रीय विलेन बन गये। लेकिन पुनीत के राष्ट्रीय विलेन बनने के पीछे अमिताभ बच्चन को 59 दिन हॉस्पिटल में गुजारने पड़े। आलम ये था कि अमिताभ बच्चन का इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने भी हार मान ली थी। 
विज्ञापन

3 of 7
coolie film
दरअसल कुली के सेट पर शूटिंग के दौरान पुनीत ने जब घूसा मारा तो किसी को नहीं पता था एक सीन फिल्माने की अमिताभ बच्चन को ये कीमत चुकानी पड़ेगी। अमिताभ सहित सभी को ये चोट मामूली लग रही थी, क्योंकि खून की एक बूंद भी नहीं निकली थी। कुली की शूटिंग के दौरान चोट लगने के बाद से ही अमिताभ बच्चन एक गंभीर और संवेदनशील दौर से गुजर रहे थे। मामला सिर्फ आंत के फट जाने तक नहीं रह गया था। उन्हें निमोनिया और पीलिया ने भी जकड़ लिया था।

4 of 7
coolie

पूरे शरीर में कई मशीनें लगी थीं और देश अपने सुपरस्टार की सलामती की दुआ कर रहा था। एक शनिवार को उन्हें चोट लगी थी और दूसरे शनिवार को वह ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुए, बीच के इन आठ दिनों में दो ऑपरेशन हुए। अमिताभ की हालत देख राजीव गांधी अमेरिका यात्रा बीच मे छोड़कर ही 4 अगस्त की आधी रात वापस लौटे और एयरपोर्ट से सीधे अमिताभ से मिलने पहुंचे। इतना ही नहीं इंदिरा गांधी भी अपनी पहली विदेश यात्रा स्थगित कर अमिताभ से मिलने पहुंची थीं।

विज्ञापन

5 of 7
अमिताभ बच्चन
2 अगस्त 1982 को अख़बारों में इस घटना को पढ़कर अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन बदहवास थे, उस वक़्त उन्हें घटना की जानकारी देने लायक कोई व्यक्ति घर में नहीं था। भोजन और नींद के थोड़े से वक़्त के अलावा 24 सितंबर तक बच्चन जी ने बेटे के लिए रामचरितमानस का पाठ किया था। 24 सितंबर के दिन आखिरकार अमिताभ को ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
विज्ञापन

6 of 7
amitabh bachchan - फोटो : social media

रास्ते में घर जाते हुए बिग बी को ये अहसास हो चुका था कि लोग उन्हें कितना प्यार करते हैं। मुंबई की सड़के उनके पोस्टर्स से पटी पड़ी थीं। लोगों ने उनकी सलामती के लिए पूजा हवन तक करवाया था। लोगों की बेकाबू भीड़ घर पर उनका इंतजार कर रही थी। घर पहुंचकर उन्होंने हाथ हिलाकर अपने शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया। इस वास्तविक सीन को ही फिल्म कुली के अंतिम सीन के तौर पर इस्तेमाल किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
amitabh bachchan - फोटो : social media
आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रयाग राज और कादर खान की लिखी शुरुआती स्क्रिप्ट में अमिताभ के मरने के साथ फिल्म खत्म होने वाली थी लेकिन उनकी चोट की वजह से मेकर्स को लगा कि ऑडियंस हाल ही में मौत के मुंह से बचकर आए अमिताभ बच्चन को परदे पर मरता हुआ देखना पसंद नहीं करेगी। इसलिए ऐन मौके पर फिल्म के स्क्रिप्ट को बदल दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें