फिल्म मिशन मंगल से हिंदी सिनेमा में डेब्यू कर रहीं दक्षिण भारतीय फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री नित्या मेनन मानती हैं कि निर्देशक जगन शक्ति की फिल्म मिशन मंगल से बेहतर कोई दूसरी फिल्म उनके हिंदी सिनेमा में बोहनी के लिए नहीं हो सकती थी।
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mission mangal
- फोटो : social media
अक्षय कुमार स्टारर इस फिल्म में एक अंतरिक्ष वैज्ञानिक की भूमिका कर रहीं नित्या का कहना है कि वह ऐसी फिल्म की तलाश में अरसे से थी क्योंकि वह किसी मसाला फिल्म से हिंदी सिनेमा में अपनी पारी की शुरूआत नहीं करना चाहती थीं।
नित्या कहती हैं, ‘मेरे लिए अभिनय कभी प्राथमिकता नहीं रहा। मैंने शुरू से ऐसी फिल्में चुनी हैं जो लीक से इतर हों और जिनमें किसी कलाकार की बजाय फोकस कहानी पर हो। मैंने मिशन मंगल इसीलिए की क्योंकि मुझे इसकी कहानी बहुत अच्छी लगी। कोई भी फिल्म तब औसत फिल्म रह जाती है जब इसे बनाने वालों का फोकस कहानी की बजाय किसी सुपरस्टार पर हो जाता है। अगर हमें अच्छी फिल्में बनानी हैं तो हमें कहानी को ही हीरो बनाना होगा।’
मिशन मंगल की स्टार कास्ट
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई टीम
पत्रकारिता में अपना करियर तलाशने का ख्वाब देखने वाली नित्या कहती हैं कि अभिनेत्री बनना उनका सपना कभी नहीं रहा लेकिन पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान दूसरे सत्र में ही उनका मन उचट गया। अपने अभिभावकों की चिंता की बात करते हुए नित्या कहती हैं, ‘हमारी पीढ़ी के पहले वाली पीढ़ी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंतित रहती है।'
मिशन मंगल के प्रमोशन के दौरान अक्षय-सोनाीक्ष का प्रैंक
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके आगे नित्या कहती हैं- 'वे हमारे लिए एक सुरक्षित भविष्य चाहते हैं और इसी वजह से वह अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर बनते देखना चाहते हैं। मेरे घर में भी अभिनय या संगीत जैसे सर्जनात्मक कार्यों को ज्यादा तवज्जो कभी नहीं दी गई। हालांकि अभिनय के क्षेत्र में मेरा नाम हो जाने के बाद मेरे अभिभावक अब खुश हैं।