De De Pyar De
- फोटो : Amar Ujala
तमाम सुपरहिट फिल्मों का संपादन कर चुके अकीव अली की बतौर निर्देशक ये पहली फिल्म है। हालांकि, फिल्म पूरी तरह लव रंजन के सिनेमाई विजन का विस्तार है। लव रंजन बदलते समय के दौर की ऐसी प्रेम कहानियां पकड़ते हैं, जहां नायक आदर्शवादी न होकर यथार्थवादी होता है। वह आज जीना चाहता है। बीता हुआ कल याद नहीं रखना चाहता और आने वाले कल के बारे में उसने सोचा नहीं है। ऐसे में जब अपने से 24 साल छोटी लड़की को वह अपनी पत्नी बनाने के मकसद से घर वालों से मिलाने लाता है तो भूचाल खड़ा हो जाता है। सवाल यहां ये है कि आखिर लोग दूसरों के सुख के लिए अपने सुख क्यों कुर्बान कर देते हैं? क्यों जमाने के पैमाने पर सही साबित होते रहने के लिए लोग अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जी नहीं पाते?