जावेद जाफरी
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जावेद ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, 'संवैधानिक रूप से कोई एक भाषा नहीं है। मैं आधिकारिक भारतीय भाषाओं को देख रहा था और संविधान किसी भी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं देता। इससे पहले मुझे भी लगता था कि हिंदी राष्ट्रभाषा है। लेकिन मैंने देखा कि संविधान किसी भी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं प्राप्त है।' उन्होंने आगे कहा, 'देखिए, बात अनेकता में एकता की है। यही इस देश की खूबसूरती थी और यही है। धर्म बहुत हैं, लेकिन राष्ट्र धर्म नहीं है, कोई राष्ट्रभाषा नहीं है।'