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वो अभिनेत्री जिसने मजबूरी में फिल्मों में किया काम, शादी से ठीक पहले मंगेतर की हुई थी मौत

Tue, 27 Apr 2021 01:05 AM IST
दीपाली श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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अभिनेत्री नंदा
बॉलीवुड में ऐसी कई अभिनेत्रियां हुई हैं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर फिल्मों की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज हम जिस अभिनेत्री के बारे में बात कर रहे हैं उन्होंने काफी कम उम्र में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था और एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। आज हम बात कर रहे हैं अभिनेत्री नंदा के बारे में। जिनकी खूबसूरती के चर्चे तो मशहूर थे ही साथ ही वो बहन के किरदार के लिए जानी जाती थीं। आज हम अभिनेत्री नंदा के बारे में कुछ खास बातें आपको बताने जा रहे हैं।
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अभिनेत्री नंदा
एक्ट्रेस नंदा का जन्म 8 जनवरी 1939 को हुआ था। नंदा के पिता विनायक दामोदर कर्नाटकी मराठी फिल्मों के सफल अभिनेता और निर्देशक थे। नंदा अपने दौर की बेहद खूबसूरत और लाजवाब अदाकारा थीं। उन्होंने महज पांच साल की उम्र से ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। एक दिन नंदा स्कूल से लौटीं तो उनके पिता ने उनसे कहा कि कल तैयार रहना फिल्म के लिए तुम्हारी शूटिंग है। इसके लिए तुम्हारे बाल काटने होंगे। नंदा बोलीं कि मुझे कोई शूटिंग नहीं करनी।
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अभिनेत्री नंदा
लेकिन बाद में मां के समझाने पर नंदा राजी हो गई। शूटिंग के लिए नंदा के बाल लड़कों की तरह छोटे-छोटे काट दिए गए। इस फिल्म का नाम था 'मंदिर'। फिल्म के निर्देशक नंदा के पिता ही थे लेकिन दुर्भाग्यवश फिल्म पूरी होने से पहले नंदा के पिता का निधन हो गया। घर की पूरी जिम्मेदारी नंदा के कंधों पर आ गई। मजबूरी में उन्होंने फिल्मों में अभिनय करने का फैसला लिया। चेहरे की सादगी और मासूमियत को उन्होंने अपने अभिनय की ताकत बनाई। वो रेडियो और स्टेज पर भी काम करने लगीं।

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अभिनेत्री नंदा
सिर्फ दस साल की उम्र में नंदा मराठी सिनेमा की अच्छी हीरोइन बन गईं। दिनकर पाटिल की निर्देशित फिल्म ‘कुलदेवता’ के लिए नंदा को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने विशेष पुरस्कार से नवाजा था। नंदा ने ना सिर्फ मराठी फिल्मों बल्कि गुजराती फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने करीब आठ गुजराती फिल्मों में काम किया और फिर 1957 में अपने चाचा वी शांता राम की हिंदी फिल्म 'तूफान और दिया' में काम किया था। 1959 में नंदा ने फिल्म 'छोटी बहन' में राजेंद्र कुमार की अंधी बहन का किरदार निभाया था। उनका अभिनय दर्शकों को बहुत पसंद आया। नंदा ने फिल्म 'जब-जब फूल खिले', 'गुमनाम' और 'प्रेम रोग' जैसी हिट फिल्मों में काम किया है।
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अभिनेत्री नंदा
इसी साल राजेंद्र कुमार के साथ उनकी फिल्म 'धूल का फूल' सुपरहिट रही। इस फिल्म ने नंदा को बुलंदियों पर पहुंचा दिया। नंदा ने लगभग सभी फिल्मों में बहन का रोल निभाया। आलम ये था कि लोग उन्हें राखियां भेजने लगे थे। नंदा ने ‘नया नशा’ (1973) ‘असलियत’ (1974), ‘जुर्म और सजा’ (1974) और ‘प्रयाश्चित’ (1977) जैसी कई फिल्में कीं।
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अभिनेत्री नंदा
पर्सनल लाइफ की बात करें तो नंदा डायरेक्टर मनमोहन देसाई से वो बेइंतहां मोहब्बत करती थीं। देसाई भी उन्हें चाहते थे लेकिन बेहद शर्मीली नंदा ने मनमोहन को कभी अपने प्यार का इजहार करने का मौका ही नहीं दिया और उन्होंने किसी और से शादी कर ली। मनमोहन की शादी के बाद नंदा तन्हाई और गुमनामी के अंधेरों में खो गईं। मनमोहन भी अपनी शादीशुदा जिंदगी में व्यस्त हो गए लेकिन कुछ समय बाद ही उनकी पत्नी का निधन हो गया।
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अभिनेत्री नंदा और मनमोहन देसाई
इसके बाद मनमोहन फिर से नंदा के करीब आए। उस दौरान नंदा 52 साल की हो चुकी थीं। 1992 में 53 साल की नंदा ने मनमोहन से सगाई कर ली लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। सगाई के दो साल बाद ही मनमोहन देसाई की एक हादसे में मौत हो गई। दोनों कभी एक नहीं हो पाए और नंदा अविवाहित ही रह गईं। कहा जाता है कि नंदा जब भी कही बाहर जाती थीं तो वो सफेद साड़ी में ही जाती थीं क्योंकि वो मन ही मन मनमोहन देसाई को अपना पति मानती थीं। उनके निधन के बाद से नंदा काफी अकेली रह गई थीं। उन्होंने लोगों से बात करना भी बंद कर दिया था। तन्हाई की जिंदगी जी रही नंदा ने साल 2014 में दुनिया को अलविदा कह दिया था।
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