भूमि पेडनेकर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वह कहती हैं, “उत्तर भारतीय गोरी चिट्टी लड़की के दिन अब गुजर गए। मेरा मानना है कि रंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं हिंदी फिल्म की अभिनेत्रियों को लेकर समाज की परिभाषा बदलने जा रही हूं। हम सभी इस पेशे में हैं। मुझे ऐसी लीक से हटकर कहानी वाली फिल्मों का हिस्सा बनना है जो लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं, बदलाव की वाहक हैं। मेरे किरदार इसकी परवाह नहीं करते कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं और यही मैं करने जा रही हूं।"