करीब चार दशक पहले गायक मुकेश ने अलविदा कह दिया था लेकिन आज भी उनके तराने, कानों में मिश्री घोल देने वाली आवाज आज भी दिलोंदिमाग को सुकून दे जाती है। मुकेश का अपना ही एक अलग सिंगिंग स्टाइल था जिसके सभी कायल थे।
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गायक मुकेश
एक्टर राज कपूर के करियर में मुकेश की आवाज ने तो जैसे जादू ही फूंक दिया था। मुकेश ने राज कपूर के लिए इतने सारे गाने गाए कि उन्हें राज कपूर की आवाज कहा जाने लगा। 'जीना यहां मरना यहां', 'जीना इसी का नाम है' से लेकर 'सजन रे झूठ मत बोलो' और 'दोस्त दोस्त ना रहा' जैसे ढेरों गाने गाए और राज कपूर को नई ऊंचाईयों पर विराजमान कर दिया। ना सिर्फ राज कपूर बल्कि मुकेश का करियर ग्राफ भी तेजी से बढ़ा।
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गायक मुकेश
मुकेश ना सिर्फ एक उम्दा गायक थे बल्कि कई फिल्मों में उन्होंने अपनी एक्टिंग का जौहर भी दिखाया था। 1941 में आई फिल्म 'निर्दोष' से मुकेश ने अपना एक्टिंग डेब्यू किया था जिसमें उनकी हीरोइन नलिनी जयवंत थीं। इसके बाद मुकेश ने कई और फिल्मों में एक्टिंग की, लेकिन उनकी एक्टिंग को नकार दिया गया। लोगों को मुकेश की आवाज से इस कदर प्यार हो गया था कि उन पर हमेशा मुकेश ही हावी रहते।
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गायक मुकेश
उस वक्त तो सबकुछ एकदम टूटकर बिखर ही गया जब मुकेश ये दुनिया छोड़कर चले गए। 1976 में मुकेश का यूएस में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ऐसा कहा जाता है कि मुकेश की मौत की खबर से सबसे ज्यादा सदमा राज कपूर को पहुंचा। अनायास ही उनके मुंह से निकल पड़ा था, 'मुकेश के जाने से मेरी आवाज और आत्मा दोनों चली गईं।'
मुकेश का यूएस में कॉन्सर्ट था। सुबह-सुबह उठकर तैयारी कर ही रहे थे ही कि अचानक ही छाती में दर्द उठा। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया ना जा सका। आज भले ही मुकेश इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन सुरीले तरानों के रूप में वो आज भी हमारे जेहन में जिंदा हैं।