अभिमन्यु
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सलीम खान से आप की मुलाकात कब हुई और उन्हें ऐसा क्यों लगा कि आप को एक्टिंग में करियर बनाना चाहिए ?
बात उन दिनों की है जब मैं रोहन सिप्पी के साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम कर रहा था। 'दम मारो दम' और 'नौटंकी साला' में जब मैं सहायक निर्देशक था, तो इसी दौरान मैंने 'शोले' पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म 'शोले -द इफेक्ट ऑफ रमेश सिप्पी' बनाई जो अभी रिलीज नहीं हुई है। इस डाक्यूमेंट्री को बनाने के दौरान सिनेमा के कई दिग्गजों से मिलने का मौका मिला। उन लोगों से मिलकर बहुत कुछ सीखने को मिला। इसी दौरान सलीम खान साहब से मिला तो उन्होंने कहा कि तुम कैमरे के पीछे क्यों रहना चाहते हो? मैंने कहा कि अभी तक मैंने डिसाइड नहीं किया है कि मुझे क्या करना लेकिन इस इंडस्ट्री में रहना चाहता हूं। तो उन्होंने कहा कि मुझे दो चीज आती है, एक लिखना और दूसरा प्रतिभा को परखना, ‘तू कैमरे के पीछे नहीं, कैमरे के सामने चमकेगा।’