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25 Years Of DDLJ: शाहरुख खान और काजोल को याद आए बीते दिन, आज रिलीज होती तो कमाती 524 करोड़ रुपये

Thu, 08 Oct 2020 03:14 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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ddlj - फोटो : File Photo
पिछली सदी की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ आने वाली 20 अक्टूबर को अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लेगी। आदित्य चोपड़ा की लिखी और निर्देशित इस पहली फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के तमाम नए रिकॉर्ड बनाए थे और कुछ रिकॉर्ड तो ये फिल्म अब भी बना रही है। सिनेमाघर में अब तक की सबसे लंबे समय तक चलने वाली इस हिंदी फिल्म के रजत जयंती वर्ष पर दुनिया के तमाम मीडिया संस्थान इस फिल्म के बारे में विशेष आयोजन कर रहे हैं।
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DDLJ - फोटो : File Photo
डीडीएलजे के 25 साल पूरे करने पर इसके मुख्य कलाकार शाहरुख खान और काजोल ने अमेरिका से प्रकाशित प्रतिष्ठित पत्रिका ‘मैरी क्लेयर’ के साथ खास  बातचीत की है। पत्रिका ने इस फिल्म को ‘बॉलीवुड की बेस्ट लव स्टोरी’ करार दिया है। ‘मैरी क्लेयर’ से हुई बातचीत में शाहरुख ने कहा, “राज और सिमरन के लिए ऑन-स्क्रीन जो चीज काम कर गई, वह थी बुनियादी तौर पर काजोल और मेरी ऑफ-स्क्रीन दोस्ती। यह दोस्ती इतनी सहज थी कि कैमरे के सामने ऐसे भी क्षण आए, जब लगा ही नहीं कि हम दोनों जरा भी एक्टिंग कर रहे हैं। हमने फिल्म का कोई भी दृश्य योजना बनाकर नहीं किया, हमने सिर्फ प्रवाह में बहने दिया। अगर हमें कोई चीज पसंद नहीं आती थी, तो हम बिना किसी औपचारिकता के बस एक-दूसरे पर जोर-जोर से बरस पड़ते थे।”
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ddlj - फोटो : File Photo
वहीं इस बारे में फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की दूसरी लीड कलाकार काजोल कहती हैं, “मुझे शुरू से आखिर तक फिल्म की पटकथा पसंद थी। ऐसा कोई हिस्सा नहीं था, जिसके बारे में मुझे कुछ भी अटपटा लगा हो।“ यह जोड़ी आदित्य चोपड़ा को इस शानदार कहानी का श्रेय देती है, जिसने दुनिया भर के भारतीयों का दिल छू लिया था।

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DDLJ - फोटो : File Photo
शाहरुख खान बताते हैं, “हम सब दोस्त थे और एक अच्छी कहानी का आनंद उठा रहे थे। आदि को इस मामले में पक्का पता था कि वह किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और इसके जरिए वह क्या कहना चाहते हैं। हम तो बस एक ऐसी कहानी पर अभिनय कर रहे थे जिसके सारे शब्द और अहसास पूरी तरह से उनके ही थे।“ काजोल के मुताबिक फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ को लिखते वक्त आदि यह दिखाना चाह रहे थे कि हर जगह परिवार ऐसे ही होते हैं। जो फिल्म के मूल वाक्य को मानते हैं कि दुनिया आपके सामने जो भी पेश करे, उसे अपना लो लेकिन अपनी जड़ों को कभी मत भूलो।
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ddlj - फोटो : File Photo
फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की कामबायी का डीएनए शाहरुख उस दौर में मानते हैं, “यह फिल्म उस वक्त आई थी जब दर्शक डीडीएलजे जैसी कहानी तथा मेरी और काजोल जैसी जोड़ियों को अपनाने के लिए पहले से ज्यादा सहज हो रहे थे। ढेर सारे बाहरी अवयवों ने भी फिल्म को कामयाब बनाया। जैसे कि एक आधुनिक प्रेम अनुभूति और उस वक्त बाजार में आया उदारीकरण।“
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DDLJ - फोटो : File Photo
गौरतलब है कि ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने 10 फिल्मफेयर पुरस्कार जीते और हिंदी सिनेमा का चेहरा बदल कर रख दिया था। यह फिल्म उस समय चार करोड़ रुपये में बनी थी और 1995 के दौरान इसने भारत में 89 करोड़ रुपये तथा ओवरसीज मार्केट से 13.50 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस प्रकार दुनिया भर से कुल 102.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ। इसे तब के सोने के भाव के हिसाब से आज की बिक्री में तब्दील करें तो ये कुल कलेक्शन 524 करोड़ रुपये तक जा पहुंचता है।
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