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21 Years of Lagaan: मुंबई के दर्शकों का शोर सुन अफ्रीका में रोए आशुतोष, आमिर के घर आज फिर जुटेंगे सारे कलाकार

Wed, 15 Jun 2022 08:32 AM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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लगान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
भारतीय सिनेमा में 'लगान' एकमात्र ऐसी फिल्म है जिसके कलाकार इस फिल्म की रिलीज के बाद भी हर साल इसके निर्माता और मुख्य अभिनेता आमिर खान के घर पर जुटते हैं। बुधवार को इन सारे कलाकारों की महफिल फिर आमिर के घर लगने जा रही है। फिल्म से जुड़ा हर कलाकार दुनिया में कहीं भी, किसी भी फिल्म की शूटिंग कर रहा हो, 15 जून की तारीख वह आमिर के घर जमने वाली इस मंडली के लिए फ्री रखता है। 15 जून 2001 को रिलीज हुई इस फिल्म ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से लेकर आईफा और फिल्मफेयर पुरस्कारों तक में अवार्ड्स की झड़ी लगा दी थी। फिल्म 'लगान' में लाखा का किरदार करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा कहते हैं, ‘हम हर साल मिलते हैं। 'लगान' की हमारी पूरी क्रिकेट टीम के अलावा भी फिल्म के कलाकार यहां आते हैं। लेकिन, अब गिनती कम हो रही है। राजेश विवेक और ए के हंगल साहब का इस महफिल में ना होना बहुत खलता है।’
 
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आमिर खान, यशपाल शर्मा - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए अभिनेता यशपाल शर्मा कहते हैं, 'इस फिल्म को लेकर निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने बहुत मेहनत की है। यह फिल्म उनकी बेबी है। फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें स्लिप डिस्क हो गया था और उन्होंने अपने लिए एक ढलान वाला बेड बनवाया था जिस पर लेटकर उन्होंने शूटिंग पूरी की। बाद में ए के हंगल साहब को भी स्लिप डिस्क हो गया था, फिर उसी दौरान रघुवीर यादव का ऑपरेशन हुआ। ऐसी बहुत सारी चीजें विपरीत हुई शूटिंग के दौरान, शायद इसलिए फिल्म अमर भी हो गई है।'
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लगान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
फिल्म ‘लगान’ ने अपने जमाने में पुरस्कारों के भी रिकॉर्ड खूब बनाए हैं। आईफा पुरस्कार भी तब बस शुरू ही हुए थे। यशपाल बताते हैं, 'आईफा अवार्ड में ही फिल्म ‘लगान’ का प्रीमियर होना था लेकिन मेरे पास पासपोर्ट ही नहीं था। उसे फिर तत्काल में बनवाया गया। मुझे याद है यहां मुंबई के गेइटी गैलेक्सी में फिल्म लगी थी। फोन पर हमने पब्लिक का रेस्पॉन्स लाइव सुना था। खासकर सीन के एंड में लास्ट छह बाल रह जाते है वो कमाल का था। पब्लिक का वो शोर हमने साउथ अफ्रीका में सुना। सारे लोग सुनकर बहुत खुश हुए और एक दूसरे के गले लगे।’

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लगान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
आशुतोष गोवारिकर के बारे में याद करते हुए यशपाल शर्मा बताते हैं, ‘फिल्म ‘लगान’ के क्लाइमेक्स के दौरान दर्शकों का शोर हमें मुंबई से दक्षिण अफ्रीका में फोन पर लाइव सुनाया गया था। आशुतोष गोवारिकर और उनकी पत्नी सुनीता भी ये सुन रहे थे। थोड़ी देर बाद दोनों एक किनारे खड़े होकर खुशी से जोर जोर से रोने लगे। उनको उस दिन लग गया था कि फिल्म सफल होगी। पब्लिक का जो रिस्पॉन्स था, वो बवाल था। किसी भी निर्देशक के लिए जब उसकी मेहनत सफल हो जाती है तो वह उसको कभी नहीं भूल सकता है फिर चाहे फिल्म को रिलीज हुए 21 साल हो जाए या 50 साल हो जाए।’
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लगान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
यशपाल शर्मा बताते हैं, 'फिल्म ‘लगान’ से सबकी यादें जुड़ी हुई हैं हम सब साल में एक बार मिलकर एक दूसरे से अपनी यादें शेयर करते हैं। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान हबीब की शादी फिल्म के सेट पर बने मंदिर में हो गई थी। हमने आधा साल शूटिंग की जो किसी भी फिल्म के लिए बहुत लंबा समय होता है। बहुत सारे नए नए अंग्रेज दोस्त मिले। मैं गांव से निकला एक्टर जो अचनाक बड़े शहर में आया और पहली बड़ी फिल्म मिली। इससे पहले कुछ फिल्मों में छोटी छोटी भूमिकाएं कर चूका था। इतनी बड़ी फिल्म और आमिर खान जैसे बड़े स्टार के साथ पहली बार काम करने का मौका फिल्म ‘लगान’ में ही मिला। आमिर खान जैसा जमीन से जुड़ा एक्टर मैंने कभी नहीं देखा। किस तरह से वो हम सब से घुल मिल गए। जमीन पर मिट्टी में बैठकर हमने चाय साथ में पी। हम साथ में क्रिकेट भी खेलते थे। शाम को पैकअप के बाद हम सब बैठकर ताश के पत्ते भी खेलते थे। मेरी जिंदगी का इससे अच्छा अनुभव किसी फिल्म में नहीं रहा।’

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