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SWA: हिंदी सिनेमा के 100 लेखकों ने दिखाए बगावती तेवर, हक नहीं मिला तो शुरू होगी आर पार की तैयारी

Tue, 12 Dec 2023 01:48 PM IST
ज्योति राघव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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एसडब्ल्यूए की बैठक में शामिल लेखक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हॉलीवुड में करीब पांच महीने तक चली लेखकों की हड़ताल और इसमें उन्हें कलाकारों व अन्य तकनीशियनों का समर्थन मिलने से हुई जीत की प्रतिध्वनि अब मुंबई से संचालित होने वाली हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी सुनाई दी है। एक लंबे समय से मुंबई के लेखक स्टूडियो और ओटीटी प्लेटफार्मों से मिलने वाले दुर्व्यवहार की शिकायतें करते रहे हैं। लेखकों का कहना है कि फिल्म और ओटीटी उद्योग में शक्तिशाली कॉर्पोरेट्स के प्रवेश के साथ उनकी स्थिति और खराब हो गई है।
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हिंदी सिनेमा के 100 लेखकों ने दिखाए बगावती तेवर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मुंबई में हाल ही में हुई 100 से अधिक हिंदी फिल्म लेखकों की इस बैठक में सबने एक साथ आने और संघर्ष के लिए तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया। ये बैठक लेखकों की ट्रेड यूनियन स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (एसडब्ल्यूए) द्वारा बुलाई गई थी। बैठक में श्रीराम राघवन (अंधाधुन), सुजॉय घोष (कहानी), सुमित अरोड़ा (जवान), अश्विनी अय्यर तिवारी (बरेली की बर्फी), श्रीधर राघवन (पठान), हर्षवर्धन कुलकर्णी (बधाई दो), सुदीप शर्मा (पाताल लोक) और अब्बास टायरवाला (पठान) जैसे जाने-माने लेखकों की मौजूदगी के चलते इसकी गूंज पूरी इंडस्ट्री में महसूस की गई।
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एसडब्ल्यूए की बैठक में शामिल लेखक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बैठक में इन शिकायतों पर चर्चा की गई कि औसत पारिश्रमिक लगातार कम हो रहा है, निर्माताओं की मर्जी पर क्रेडिट दिया जाता है, लेखकों को फिल्मों व वेब सीरीज से कभी भी निकाला जा सकता है, और अगर फिल्म पर कुछ विपरीत सामाजिक-राजनीतिक प्रतिक्रिया होती है तो उन्हें निर्माताओं को क्षतिपूर्ति करने के लिए मजबूर किया जाता है। यही नहीं इस बात पर भी खासा जोर दिया गया कि लेखकों को अपने मौलिक अधिकारों के साथ-साथ रॉयल्टी प्राप्त करने के अधिकार को भी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि दोनों की गारंटी भारतीय कानून द्वारा दी गई है।

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अंजुम रजबअली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस मौके पर एसडब्ल्यूए की अनुबंध समिति के अध्यक्ष अंजुम रजबअली ने स्पष्ट शब्दों में कहा,  “अब ‘बस!’ कहने का समय आ गया है। हमारा काम उचित पारिश्रमिक का हकदार है और लेखक अपनी इज्जत का। हमें अपने पेशे के प्रति मौजूदा गलत मानसिकता को तोड़ना होगा।”
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जमान हबीब - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वहीं, एसडब्ल्यूए के महासचिव जमान हबीब ने कहा, "आज की बैठक एक शुरुआत है। हम अपने अनुबंधों को निष्पक्ष और संतुलित बनाने के लिए एक संयुक्त मोर्चे के रूप में आगे बढ़ेंगे। यह बैठक उस दिशा में पहला कदम है।”
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एसडब्ल्यूए ने बुलाई लेखकों की बैठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एसडब्ल्यूए की हॉलीवुड समकक्ष राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका हाल ही में अपनी 148 दिनों की हड़ताल के कारण खबरों में थी जिसने हॉलीवुड को ठप कर दिया और लेखकों को एक महत्वपूर्ण जीत दिलाई। माना जा रहा है कि मुंबई के लेखकों की ये मुलाकात वाकई बड़ा कदम है और इस बैठक में लेखकों के बगावती तेवरों से ये साफ है कि यहां भी अब मामला गरमा रहा है।
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