आज पूरी दुनिया में 'सिंगल वर्किंग वुमेन डे' मनाया जा रहा है। इसको मनाने का मकसद कामकाजी महिलाओं की मेहनत, समर्पण और पेशेवर कामयाबियों को मान्यता देना है। बॉलीवुड ने इस विषय को प्रमुखता से कवर किया है। बॉलीवुड की कई फिल्में हैं जो कामकाजी महिलाओं की कहानी दिखाती हैं। आइए इन फिल्मों के बारे में जानते हैं।
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तुम्हारी सुलु
- फोटो : सोशल मीडिया
तुम्हारी सुलु
साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म 'तुम्हारी सुलु' में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है जो रेडियो जॉकी होती है। इस किरदार को विद्या बालन ने निभाया है। वह एक महत्वाकांक्षी गृहणी होती हैं, जो रात को प्रसारित होने वाले रिलेशनशिप सलाह शो में लोगों को सलाह देती हैं। फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया था। इस फिल्म को दुनियाभर में खूब सराहना मिली।
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थप्पड़
- फोटो : सोशल मीडिया
नाम शबाना
साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म 'नाम शबाना' में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है जो देश की सुरक्षा के लिए एक अंडर कवर एजेंट के रूप में काम करती है। इस किरदार को तापसी पन्नू ने निभाया है। तापसी पहले अपने साथ हुए अत्याचार करने वालों से बदला लेती हैं उसके बाद देश के लिए काम करती हैं। शिवम नायर के निर्देशन में बनी यह फिल्म हिट रही थी।
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मर्दानी
- फोटो : यूट्यूब
मर्दानी
साल 2014 में रिलीज हुई फिल्म 'मर्दानी' में एक महिला पुलिस अधिकारी की कहानी दिखाई गई है जो अपना काम पूरी मेहनत और लगन से करती हैं। इस किरदार को रानी मुखर्जी ने निभाया है। रानी मुखर्जी एक अपहृत किशोरी की तलाश करती हैं। इस दौरान वह मानव तस्करी के रहस्यों को उजागर करती हैं। फिल्म का निर्देशन प्रदीप सरकार ने किया है। 16 करोड़ की लागत में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 57 करोड़ रुपये कमाए थे।
कहानी
फिल्म 'कहानी (2012)' में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है जिसके पति को कुछ अपराधी जान से मार देते हैं। इस किरदार को विद्या बालन ने निभाया है। विद्या बालन कोलकाता में आती हैं और अपने पति के अपराधियों को ढूंढ कर उनसे बदला लेती हैं। यह एक तरह से उनका काम है। सुजॉय घोष के निर्देशन में बनी इस फिल्म को काफी सराहा गया। 8 करोड़ की लागत में बनी इस फिल्म ने 1.04 अरब रुपये कमाए।
थप्पड़
फिल्म 'थप्पड़ (2020)' में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है जो पढ़ी-लिखी होती है। वह ऑफिस में काम करने के बजाए घर में काम करना चुनती है। हालांकि एक दिन जब उनका पति उनको थप्पड़ मार देता है तो तब कहानी बदल जाती है। फिल्म में तापसी पन्नू ने बहुत अच्छा किरदार निभाया है। तापसी पन्नू चाहती हैं कि उनके काम को अहमियत दी जाए, उन्हें इज्जत दी जाए लेकिन उनके पति उन्हें घर में काम करने वाली एक अदना सी औरत से ज्यादा नहीं समझते हैं। हालांकि फिल्म के आखिर में उनका पति उनके काम को अहमियत देता है और माफी मांगता है।