ससुरा बड़ा सतावेला फिल्म, निर्देशक प्रमोद शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
निर्माता, निर्देशक प्रमोद शास्त्री इस हालत के लिए सिनेमाघरों की कमी का हवाला देते हैं। वह बताते हैं, 'पूरे देश में अब सिर्फ 30 थियेटर बचे हैं, जहां भोजपुरी फिल्में रिलीज होती है। पहले बिहार में 250 थियेटर थे जहां पर भोजपुरी फिल्में रिलीज होती थी। अब बिहार में सिर्फ 15 थियेटर बचे है। 5-7 थिएटर उत्तर प्रदेश में बचे हैं और इतने ही थियेटर मुंबई और गुजरात में मिलाकर बचे हैं, जहां पर भोजपुरी फिल्में रिलीज हो रही है। अगर साल में 100 फिल्में बन रही है तो बड़े सितारों की भी सिर्फ गिनी चुनी फिल्में ही थिएटर में रिलीज होती है। उसमें भी जिसको जब मौका मिलता है, रिलीज कर देता है। इसलिए पहले से रिलीज डेट फाइनल नहीं हो पाती है। 50 फिल्में अलग -अलग सैटेलाइट चैनल पर रिलीज हो जाती है। और, बाकी फिल्में यूट्यूब पर रिलीज हो रही हैं, जहां से कोई रिकवरी नहीं होती।’