सती बिहुला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
उत्तर प्रदेश और बिहार की लोक कथाओ में सती बिहुला की कहानी बहुत प्रचलित हैं। लोक कथाओ की मान्यताओं के अनुसार सती बिहुला लक्ष्मीपुर के राजा की बेटी थी। उनकी शादी हुई, वह अपने ससुराल नेवला, बिल्ली, गरुड़ के साथ पहुंचती है। लेकिन तमाम सावधानी के बावजूद एक तांत्रिक उनके पति लखंदर को सांप से डसवाने में कामयाब हो जाता है और लखंदर की मौत हो जाती है। ससुराल वाले बिहुला को अपशगुनी मानते हैं। बिहुला अपने पति का शव लेकर गंगा में कूद जाती है, जहां पर उसकी मुलाकात इंद्र के कपड़े धोने वाली एक महिला से होती है। वह साथ इंद्रलोक पहुंचती है। इंद्र के दरबार में वह नृत्य करती है, जिसे देखकर इंद्र बहुत खुश होते हैं। और, बिहुला से वरदान मांगने को कहते हैं। बिहुला अपने पति के जीवन के साथ साथ उसके भाइयों को जीवित करने का वरदान मांगती है, जिन्हें तांत्रिक ने उनके पति से पहले मार दिया था।
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