31 अगस्त, 1919 को गुजरांवाला (अब पाकिस्तान) में जन्मीं अमृता प्रीतम ने पंजाबी और हिंदी साहित्य में पहचान बनाते हुए साहित्य पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। अमृता प्रीतम भारतीय साहित्य की वह आवाज हैं, जो दर्द, प्रेम और सच्चाई की तासीर में डूबी हुई है। उन्होंने अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीने का साहस दिखाया था। उनका निधन 31 अक्तूबर, 2005 को हुआ था।