इश्वाक सिंह
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इश्वाक सिंह कहते हैं, 'फिल्म ‘बर्लिन’ में ये किरदार करने का असली सुख उन्हें तब मिला जब दर्शकों में मौजूद कुछ ऐसे लोगों ने मेरी सराहना की, जो सुन नहीं सकते थे। लंदन और लॉस एंजिलिस में मुझे ऐसे लोगों से मिलना याद है, जो कहानी की असलियत फिल्म में दिए गए संदेश से प्रभावित थे।' इश्वाक सिंह मानते हैं कि ‘पाताल लोक’, ‘रॉकेट बॉयज’ और अब ‘बर्लिन’ ऐसी कहानियां हैं, जिनमें वह सोलो हीरो नहीं हैं।