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Year Ender 2021: शिक्षा जगत के लिए उतार-चढ़ाव वाला साल रहा 2021, इन बदलावों के लिए जाना जाएगा

Fri, 31 Dec 2021 06:27 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Year Ender 2021: 31 दिसंबर, साल 2021 का आखिरी दिन है। अगला सूर्योदय नए साल का ही नहीं का पहला सूर्योदय होगा। उसी के साथ होगी शिक्षा के क्षेत्र में एक नए सफर की शुरूआत। लेकिन इससे पहले आइए जान लेते हैं 2021 में भारतीय शिक्षा क्षेत्र में हुए प्रमुख बदलावों के बारे में - 
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education - फोटो : अमर उजाला
31 दिसंबर, साल 2021 का आखिरी दिन है। अगला सूर्योदय नए साल का पहला सूर्योदय होगा। उसी के साथ होगी शिक्षा के क्षेत्र में एक नए सफर की शुरूआत। जनवरी 2021 की शुरुआत के दौरान कुछ राज्यों में स्कूल खुल चुके थे, ऐसा ही कुछ हाल इस बार भी है। इस साल भी कुछ राज्यों में स्कूल खुले हैं तो कुछ में बंद हैं। खैर, महामारी के कारण हमने इस साल कई सबक भी सीखे हैं तो वहीं, कुछ फैसले ऐसे हुए हैं, जिन्होंने साल 2021 को यादगार बना दिया। छात्रों के लिहाज से 2021 की यात्रा बहुत सारी चुनौतियों के साथ उतार-चढ़ाव से भरी रही है। स्कूल दोबारा खुलने और बंद होने की खबरों से लेकर बोर्ड एग्जाम होने या न होने और फिर रिजल्ट में देरी ने इस साल ने धैर्य के कई सबक भी सिखाए हैं। COVID-19 का प्रकोप कई छात्रों के उज्ज्वल करियर की राह में एक बाधा बन गया। नई शिक्षा नीति (नेप 2020) के लागू होने से लेकर नीट काउंसलिंग 2021 के इंतजार में डॉक्टरों की हड़ताल तक, यह साल शिक्षा जगत के लिए उतार-चढ़ाव वाला रहा है। आइए जानते हैं 2021 में भारतीय शिक्षा क्षेत्र में हुए प्रमुख परिवर्तनों के बारे में - 
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स्कूल री-ओपन - फोटो : ANI

स्कूल फिर से खुले, छात्र लंबे ब्रेक के बाद कक्षाओं में लौटे

भारत में COVID-19 के डर के कारण 2020 में स्कूल बंद कर दिए गए थे। 2021 में जब स्कूल दोबारा खुलने की खबर आई तो छात्रों के लिए बड़ी राहत थी। देश भर में कई स्कूल केवल कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों के लिए खुले और कई स्कूलों ने केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू कीं। हालांकि, कई राज्यों में शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी और छात्रों को शिक्षा के ऑनलाइन मोड को अपनाने की अनुमति दी गई थी। COVID-19 के प्रकोप ने प्रत्येक शिक्षक और छात्रों को नए सामान्य, 'वर्चुअल लर्निंग' के बारे में सिखाया।
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एनडीए में महिलाओं को एंट्री - फोटो : अमर उजाला

महिलाएं मोर्चे पर : महिला उम्मीदवारों को एनडीए में शामिल होने की अनुमति

रक्षा मंत्रालय ने पहली बार महिला आवेदकों के लिए एनडीए के दाखिला आवेदन खोले हैं। मंत्रालय ने बताया कि इसमें हर 3 प्रतिभागियों पर एक महिला उम्मीदवार है। यूपीएससी एनडीए 2021 के लिए कुल 5 लाख 75 हजार उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 1 लाख 77 हजार आवेदक महिलाएं थीं। यह महिलाओं को सशक्त बनाने में एक बड़े विकास के रूप में बड़ा कदम है।

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लैंगिक समानता - फोटो : संयुक्त राष्ट्र

लैंगिक समानता : स्कूल में पेश किया गया जेंडर न्यूट्रल यूनिफॉर्म

वलयनचिरंगारा गवर्नमेंट लोअर प्राइमरी स्कूल, केरल ने स्कूली छात्रों के लिए पहली बार जेंडर न्यूट्रल यूनिफॉर्म की शुरुआत की। यह पहल लैंगिक समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। स्कूल में 754 छात्रों की क्षमता है और यूनिफॉर्म को 3/4 आकार में सभी शर्ट और शॉर्ट्स के लिए समान बनाया गया है। इस विकास की योजना 2018 में ही शुरू हो गई थी और ऑफलाइन कक्षाओं के फिर से शुरू होने के बाद निम्न प्राथमिक छात्रों के लिए पेश की गई थी।
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नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

डॉक्टर्स इन एक्शन : नीट काउंसलिंग 2021 में देरी के चलते हड़ताल

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट पीजी काउंसलिंग 2021 में देरी ने 50,000 से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों को मुश्किल में डाल दिया। इससे खफा रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों ने सरकार पर 'कोविड वारियर्स' की आवाज नहीं सुनने का आरोप लगाया और तकरीबन एक माह लंबी हड़ताल की। पीजी मेडिकल कॉलेजों में उम्मीदवारों के प्रवेश में अंतराल के कारण कई अस्पतालों में जूनियर मेडिकल स्टाफ का संकट पैदा हो गया है, जबकि देश COVID-19 के प्रकोप से जूझ रहा था। नवंबर 2021 से, कई रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन, आरडीए ने फोर्डा इंडिया के बैनर तले नियमित आउटडोर चिकित्सा सेवाओं को बंद कर प्रदर्शन किया। ईडब्ल्यूएस आरक्षण कोटा की आय सीमा मानदंड को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं की सुनवाई के कारण नीट पीजी काउंसलिंग अटकी हुई है।
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JEE MAIN Advanced - फोटो : अमर उजाला

आईआईटी की राह हुई आसान : जेईई मेन चार बार हुई, एडवांस में विशेष मौका 

इंजीनियरिंग शिक्षा क्षेत्र में 2021 में पहली बार संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई मेन चार बार आयोजित की जाने लगी। वहीं, जेईई एडवांस के लिए नियमों में एकबारगी छूट भी प्रदान की गई। जो छात्र 2020 या 2021 में कक्षा 12वीं के लिए उपस्थित हुए और जेईई एडवांस 2021 के लिए पंजीकृत हुए, लेकिन उपस्थित नहीं हुए, उन्हें जेईई एडवांस परीक्षा 2022 में विशेष मौका देने की घोषणा की गई है। यह निर्णय संयुक्त प्रवेश बोर्ड, JAB द्वारा COVID-19 के प्रकोप के कारण उम्मीदवारों को हुई कठिनाइयों के कारण लिया गया है।
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