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चमोली में किसने मचाई तबाही, जानिए GLOF, Cloudburst या Avalanche कौन है जिम्मेदार

Mon, 08 Feb 2021 06:32 PM IST
Devesh Devesh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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GLOF : Glacial Lake Outburst Flood - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर के टूटने से प्राकृतिक आपदा आई। विशेषज्ञ अभी इसे Glacial Lake Outburst Flood यानी ग्लेशियल झील का बाढ़ प्रकोप बता रहे हैं। इस आपदा में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ग्लेशियर के टूटने, हिमस्खलन और बादल फटने से भी अक्सर बड़ी आपदाएं आती हैं। लेकिन वास्तव में, जिस मौसम में ऐसी आपदा देखी गई थी, उसने विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित किया है क्योंकि कोई ऐसा तत्काल कारण नहीं है, जो इसके लिए जिम्मेदार हो। यह आपदा दो जलविद्युत परियोजनाओं को भी तबाह कर गई। इससे जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को लेकर विशेषज्ञों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। हर बर्फीले पहाड़ के टूटने को हम सामान्य तौर पर हिमस्खलन समझते हैं, लेकिन आइए जानते हैं इनमें क्या है अंतर ...
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चमोली - फोटो : self
सामान्य तौर पर समझने की कोशिश करें तो ग्लेशियर टूटने या बर्फीले पहाड़ के टूटने और तेजी से बर्फ पिघलने के कारण हिमनद यानी पहाड़ी झीलों या नदियों के उद्गम स्थलों से जल प्रवाह अचानक बढ़ जाता है। नदियां उफान पर आ जाती हैं। इस दौरान, अक्सर उन पर बने छोटे-बड़े बांध पानी के तेज आवेग से टूट जाते हैं। बांध टूटने से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन आती है और जलजले के कारण जानमाल का नुकसान होता है। लेकिन विशेषज्ञ इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि रविवार को उत्तराखंड के चमोली में बड़े पैमाने पर ग्लेशियर क्यों फटा, लेकिन इस घटना ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर ध्यान केंद्रित किया है। उत्तराखंड राज्य में इन खतरों से जुड़ी आशंकाएं ज्यादा हैं। 2013 में, राज्य में बादल फटने से तबाही आई थी। उस तबाही को केदारनाथ त्रासदी के नाम भी जाना जाता है। तब भयावह बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई थी। 
 
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चमोली - फोटो : self
ग्लेशियर के टूटते क्यों हैं?
सामान्य तौर पर ध्रुवीय ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वर्षों से जमा हो रही बर्फ ग्लेशियर बनाती है। ग्लेशियर बर्फ के ढेर होते हैं। वैश्विक विकास की अंधाधुंध दौड़ के कारण लगातार पिछले कुछ दशकों से धरती की तपन बढ़ रही है। जिसे हम ग्लोबल वार्मिंग के तौर पर जानते हैं। वैश्विक तपन के कारण बर्फीले पहाड़ पिघल रहे हैं। पिघलने ने ग्लेशियर कमजोर पड़ते हैं और टुकड़ों में टूटकर गिरने लगते हैं। जिससे समुद्री और नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। 

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GLOF : Glacial Lake Outburst Flood - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ग्लेशियल झील का बाढ़ प्रकोप क्या है?
चमोली में जो हुआ, उसे जीएलओएफ यानी Glacial Lake Outburst Flood के रूप में देखा जा रहा है। एक ग्लेशियर में एक टूटन बहुत असामान्य घटना नहीं है। बर्फ पिघलने के कारण जब ग्लेशियर खिसकते हैं या पीछे हटते हैं, तो वे एक ऐसी जगह छोड़ देते हैं, जो पानी से भरी झील बन जाती है। इस ग्लेशियल लेक को हम यानी हिमनद और पहाड़ी झील कह सकते हैं। जब इस तरह की झील टूटती है, तो इसे ग्लेशियल झील के प्रकोप बाढ़ के रूप में जाना जाता है। 
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chamoli - फोटो : amar ujala
तो क्या चमोली में हिमस्खलन हुआ था?
अभी इस बात की वैज्ञानिक तौर पर जांच नहीं की गई है कि चमोली में असल में क्या हुआ था? कुछ सवाल हैं जैसे- क्या हाल ही में इस क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ था या किसी निर्माण कार्य की वजह से ऐसा हुआ या यह मानवीय गतिविधियों अथवा जलवायु परिवर्तन आदि का परिणाम था। माना जाता है कि रविवार का जलप्रलय नंदादेवी ग्लेशियर के टूटने के कारण हुआ था। कंचनजंगा के बाद नंदादेवी दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत है। 
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इस तरह बर्फ की नदी बना एवलॉन्च - फोटो : अमर उजाला
हिमस्खलन क्या है?
बर्फीले पहाड़ से तेजी से नीचे ढलान वाली सतह पर आते हुए बर्फ के टुकड़ों के गिरने के बहाव को हिमस्खलन यानी एवलॉन्च कहते हैं। इसके पीछे कई जिम्मेदार कारक होते हैं। जैसे तापमान बढ़ना, भारी बर्फबारी, तेज हवाएं और भूंकप आदि। लेकिन रविवार को चमोली में जो कुछ देखने को मिला, उससे हिमस्खलन की संभावना नहीं है। 
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चमोली में बादल फटा - फोटो : SELF
बादल फटना क्या है?
बादल फटना को अंग्रेजी में क्लाउडबर्स्ट के तौर पर जाना जाता है। इस दौरान एक सीमित स्थान पर भारी बारिश होती है। बादल जब अचानक आपस में या फिर किसी पहाड़ी से टकरा जाते हैं तो ऐसा होता है। इस दौरान 100 मिलीमीटर प्रति घंटा या उससे भी तेज बारिश होती है। इससे तुरंत बाढ़ की स्थिति बन जाती है। उत्तराखंड में 2013 में जो आपदा आई थी वह लगातार बादल फटने के कारण आई थी। आम तौर पर ऐसा मानसून में और हिमालय क्षेत्र में होता है। 
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GLOF : Glacial Lake Outburst Flood - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आईएफएस अधिकारी ने ट्वीट किया डेमो 
आईएफएस अधिकारी अंकित कुमार ने भी ट्वीट कर इस आपदा की शुरुआत के बारे में प्रकाश डाला है। उन्होंने एक एनिमेटेड वीडियो ट्वीट कर इसकी घटना के बारे में समझाने की कोशिश की है। 
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