IFS Anisha Tomar
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दूसरे प्रयास में मेन्स में मात्र छह अंक से चूकीं
इसके बाद, एक और प्रयास करने की ठानीं और अनीशा ने यूपीएससी पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन सामग्री तैयार की। फिर उसने एक समय सारिणी बनाई और परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। 2018 में दूसरे प्रयास के दौरान वह प्री क्लीयर करके मुख्य परीक्षा तक पहुंच गई। इस दौरान हाइपरटेंशन समेत कई बीमारियों ने मुझे जकड़ लिया था। मेरे दो महीने का समय बेकार हो गया, लेकिन एक आशा थी। अनीशा कहती हैं कि एक बार तो लगने लगा था कि अब तो सफलता मिल ही गई, लेकिन मुख्य परीक्षा के नतीजों ने फिर एक बार वास्तविकता दिखा दी। मैं मुख्य परीक्षा के कट ऑफ स्कोर से महज छह अंक पीछे रह गई थी।