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IAS Women's Struggle Story: महिला आईएएस अफसर जो संघर्ष के आगे झुकी नहीं, चुनौतियों का सामना कर पाई सफलता

Wed, 08 Mar 2023 09:12 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Women's Day Beautiful IAS Officers and UPSC Toppers Struggle Stories सफलता की कहानियों की कड़ी में आज हम आपके लिए लाए हैं ऐसी ही कहानियां, जिसे पढ़कर आप भी प्रेरणा ले सकेंगे और इन महिलाओं को प्रेरणास्रोत मानते हुए इनके संघर्ष को सलाम करेंगे।
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IAS Women's Success Stories - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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IAS Women's Struggle and Success Stories: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी और इसमें सफलता पाना आसान नहीं होता। कुछ लोग पहले प्रयास में सफल हो जाते हैं तो कुछ को कई साल लग जाते हैं। लेकिन लाखों में से सिर्फ चुनिंदा ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के यानी IAS अधिकारी बन पाते हैं। कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने जीवन की शुरुआत में तो किसी और पेशे में होते हैं लेकिन किसी घटना या वाकये से प्रेरणा लेकर सिविल सेवा में जाने का निश्चय कर लेते हैं और यूपीएससी परीक्षा को क्वालिफाई करते हैं। सफलता की कहानियों की कड़ी में आज हम आपके लिए लाए हैं ऐसी ही कहानियां, जिसे पढ़कर आप भी प्रेरणा ले सकेंगे और इन महिलाओं को प्रेरणास्रोत मानते हुए इनके संघर्ष को सलाम करेंगे।  
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डॉ. प्रियंका शुक्ला आईएएस (IAS Dr Priyanka Shukla) - फोटो : Social Media

कहीं की कलेक्टर हो क्या! ताने ने बदली प्रियंका की जिंदगी

डॉ. प्रियंका शुक्ला आईएएस अफसर (IAS Dr Priyanka Shukla) हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में पदस्थ है। आज सोशल मीडिया पर प्रियंका शुक्ला के बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। प्रियंका शुक्ला के परिवार वाले चाहते थे कि वह आईएएस अधिकारी बनें। हालांकि, वह डॉक्टर बनना चाहती थी। प्रियंका ने एमबीबीएस के बाद लखनऊ में प्रैक्टिस भी की। फिर एक दिन प्रियंका झुग्गियों में चिकित्सीय जांच शिविर में गई थी। जहां डॉ प्रियंका ने एक छोटे बच्चे को गंदा पानी पिला रही महिला को रोका तो उस महिला ने बात मानने के बजाय उल्टा ताना मारा - तुम कहीं की कलेक्टर हो क्या? बस यही बात प्रियंका को दिल पर कांटे की तरह चुभ गई और उन्होंने कलेक्टर बनने की ठान ली। डॉ. प्रियंका को पहले प्रयास में विफलता हाथ लगी। मगर हार न मानते हुए 2009 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली और आईएएस बन कर दिखाया। 
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UPSC CSE 2021 Topper Gamini Singla (Air 3) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

गामिनी ने सेल्फ स्टडी से पाई सफलता

पंजाब की गामिनी सिंगला (IAS Gamini Singla) ने अपने दूसरे ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) 2021 में पास ही नहीं की बल्कि टॉप करते हुए तीसरी रैंक भी हासिल की। बकौल गामिनी, महिलाएं अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के माध्यम से कुछ भी हासिल करने में सक्षम हैं। गामिनी ने कंप्यूटर साइंस में बी टेक की है। अपनी सफलता का राज साझा करते हुए गामिनी ने कहती हैं कि वह दिन में 9-10 घंटे पढ़ाई करती थीं। बकौल गामिनी, परीक्षा की तैयारी के लिए मैंने ज्यादातर समय सेल्फ स्टडी की और आखिर में मैं सफल हो गई।  

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Tapasya Parihar IAS Officer - फोटो : Social Media

Tapasya Parihar किसान की बेटी से IAS

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के किसान की बेटी और लॉ स्टूडेंट तपस्या परिहार के आईएएस अधिकारी बनने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। तपस्या ने न केवल यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की और बल्कि ऑल इंडिया 23वीं रैंक पा कर टॉपर्स में अपना स्थान बनाया। तपस्या का जन्म 22 नवंबर, 1992 को नरसिंहपुर के जोवा गांव में हुआ था। तपस्या ने स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से और बाद में लॉ कॉलेज, पुणे से कानून की पढ़ाई की। इसके बाद तपस्या ने यूपीएससी की राह पकड़ी, लेकिन पहले प्रयास में विफल रही। इसके बाद तपस्या ने कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी करना शुरू किया। आखिरकार, तपस्या की यह मेहनत रंग लाई और 2017 में ऑल इंडिया 23वीं रैंक हासिल की। 2021 में तपस्या ने आईएफएस अधिकारी गर्वित गंगवार से शादी की थी। 
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IRA Singhal, IAS Officer - फोटो : Social Media

पहली दिव्यांग महिला टॉपर IAS IRA Singhal

एक ऐसी महिला जिसने अपनी शारीरिक अक्षमता को अपने सपनों के रास्ते में नहीं आने दिया और अपने IAS अधिकारी बनने के सपने को पूरा किया। वह देश की पहली पहली दिव्यांग महिला टॉपर बनीं। उन्होंने इस परीक्षा में सबसे अधिक अंक प्राप्त किए थे। इरा सिंघल की यह कहानी हर किसी के लिए एक प्रेरणा है। इरा रीढ़ की वक्रता से पीड़ित है, जिसे स्कोलियोसिस कहा जाता है। यूपी के मेरठ की रहने वाली इरा ने बीटेक किया और डीयू से एमबीए भी की। उन्होंने कोकाकोला में मार्केटिंग इंटर्न और कैडबरी इंडिया में बतौर स्ट्रेटजी मैनेजर भी कार्य किया है। इरा प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनका 2010, 2011 और 2013 में तीन बार आईआरएस के पद पर चयन हुआ। लेकिन, 62 फीसदी लोकोमोटर दिव्यांगता के कारण उन्हें ज्वॉइन नहीं दी गई। इरा ने इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई भी लड़ी और 2014 में केस जीतकर आईआरएस बनीं। इसके बाद इरा ने 2014 की सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया और आईएएस अधिकारी बनीं। 
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Yashni Nagarajan, IAS Officer - फोटो : Social Media

Yashni Nagarajan ने फुल टाइम नौकरी के साथ की थी यूपीएससी की तैयारी

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आईएएस अधिकारी यशनी नागराजन (IAS Officer Yashni Nagarajan) की संघर्ष से सफलता की कहानी को नजरअंदाज नहीं कर सकते। उन्होंने अपनी फुल टाइम नौकरी करते हुए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर्स में जगह बनाई। उन्होंने 2019 में ऑल इंडिया 57वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को पूरा किया। हालांकि, शुरुआती तीन प्रयास में वे विफल रही थीं, लेकिन चौथे प्रयास में न केवल सफलता पाई बल्कि टॉपर भी बनीं। स्कूली शिक्षा अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर स्थित केंद्रीय विद्यालय, नाहरलगन से पूरी हुई। इसके बाद 2014 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, युपिया से बी टेक की। यशनी बताती हैं कि उन दिनों वह प्रतिदिन 04 से 05 घंटे पढ़ाई में लगा देती थी। क्योंकि फुल टाइम नौकरी के कारण समय ही कम मिल पाता था। इसके अलावा वीकेंड पर भी वह पूरा दिन पढ़ाई करती थीं।
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IAS Pushplata - फोटो : Social Media

परिवार और बच्चे को संभालते हुए टॉप की UPSC CSE

आईएएस अधिकारी पुष्पलता (IAS Pushplata) ने बिना कोचिंग किए, दो साल के बच्चे समेत पूरे परिवार को संभालते हुए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और सफल हुईं। हरियाणा की पुष्पलता पहले निजी बैंक में काम करती थीं। लेकिन उसमें मन नहीं लगता था। फिर 2015 में नौकरी छोड़ दी और सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पढ़ाई में पांच साल का गैप आ चुका था। शादी हो चुकी थी और दो साल का बेटा भी था। वह बेटे का ध्यान रखने के साथ में पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी संभालती थीं। सेल्फ स्टडी पर ही पूरा ध्यान लगाया। लेकिन पहली बार परीक्षा में सात अंकों की कमी से सफल नहीं हो सकी। परिवार वालों ने भी आगे सपोर्ट करने से इनकार कर दिया था। लेकिन पुष्पलता कोशिश में जुटी रहीं। आखिरकार 2017 में यूपीएससी की परीक्षा में पुष्पलता को 80वीं रैंक मिली थी। वह कहती हैं कि परीक्षा पास करने के लिए नहीं, खुद के लिए मेहनत करें। पूरे मन और लगन से कोशिश करें तो सफलता जरूर मिलती है।

 

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IAS Ankita Jain, यूपीएससी टॉपर - फोटो : अमर उजाला

सतत मेहनत ने अंकिता को बनाया यूपीएससी टॉपर

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में चौथे प्रयास में सफल हुईं अंकिता जैन (IAS Ankita Jain) का कहना है कि सतत मेहनत और ट्रिक के साथ पढ़ाई की बदौलत ही तीसरी रैंक हासिल हुई है। इससे पहले 2018 में ऑडिट एंड अकाउंट सर्विसेज में चयन हुआ था। अंकिता ने कंप्यूटर साइंस से बी-टेक किया है। पति अभिनव त्यागी महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। छोटी बहन वैशाली ने भी 2020 की परीक्षा में 21वीं रैंक हासिल की है। अंकिता ने बताया कि वह आईएएस के तौर महिला सशक्तीकरण और बाल विकास के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए काम करना चाहती है।  
 
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