AIIMS 2018 की ऑल इंडिया टॉपर एलिजा ने खुद अपनी कामयाबी का राज खोला और बताया कि आखिर उन्होंने कैसे ये इतिहास रचा। पंजाब के संगरूर जिले के लहरागागा की एलिजा का ओवरऑल पर्सेंटाइल 100 प्रतिशत रहा।
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एम्स की टॉपर एलिजा
लहरागागा के डॉ. देवराज डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल लहरागागा की छात्रा एलीजा पढ़ाई के बाद डाक्टर बन लोगों की सेवा करना चाहती है। एलीजा ने भारत में इस परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर अभिभावकों, स्कूल का नाम पूरे देश में चमका दिया है। इस बड़ी कामयाबी की जैसे ही उसके परिवार और स्कूल प्रबंधकों को सूचना मिली तो सभी खुशी से फूले नहीं समा रहे।
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एम्स की टॉपर एलिजा
एलीजा के पिता विजय कुमार सरकारी अध्यापक हैं और वे गांव लेहल कलां में सेवाएं निभा रहे हैं। जबकि एलीजा की माता हाउस वाइफ हैं। छुट्टियों के कारण एलीजा अपने परिवार वालों के साथ बाहर गई हुई है। फोन पर अमर उजाला से बातचीत करते एलीजा ने बताया कि उसने इस कामयाबी को हासिल करने के लिए बहुत मेहनत की है। दिन में एक आध घंटा छोड़कर बाकी पूरा समय वह पढ़ाई करती है।
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एम्स की टॉपर एलिजा
एलीजा बताती है कि उसके माता-पिता और स्कूल प्रबंधकों का उसे पूरा सहयोग मिलता है और इस कामयाबी में उन्हीं का पूरा हाथ है। एलीजा ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ उसे खो-खो पसंद है और उसने दसवीं की पढ़ाई तक स्कूल में होने वाली खो-खो की टूर्नामेंट में भाग लिया। उसने बताया कि उसे बचपन से डाक्टर बनने का शौक है और वह डाक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है।
एलीजा के पिता विजय कुमार ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है जिसने एम्स की परीक्षा में पूरे देश में पहला स्थान हासिल करके उनका सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है। एलीजा के स्कूल के एमडी प्रवीन खोखर और प्रिंसिपल उर्मिला रानी ने बताया कि एलीजा उनके स्कूल की होनहार छात्रा है जिसने देश में पहला स्थान हासिलकरके स्कूल और क्षेत्र का नाम चमकाया है।