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Study: घर पर बैठ कर आप भी कर सकते हैें ये थेरेपी, दर्द और बीमारियां दोनों हो जाएंगी दूर

Wed, 11 Mar 2020 12:57 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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music
इन दिनों पूरी दुनिया एक वायरस से प्रभावित है- कोरोनावायरस। सबसे पहले चीन में पाए जाने इस वायरस ने अब पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। ऐसा पहली बार नही है, इससे पहले भी कई वायरसों के कारण डब्ल्यूएचओ (WHO- World Health Organization) ने गंभीर कदम उठाए हैं। 

आजकल, जो जीवनशैली हम जी रहे हैं उसके कारण जीवन नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में एक रिसर्च सामने आई है। रिसर्च में बताया गया है कि आखिर कैसे हम अपने जीवन में दर्द और बीमारियों को दूर कर सकते हैं। 

क्या है रिसर्च में? किसके द्वारा की गई है स्टडी? और किस थेरेपी से हम अपनी बीमारियों से निजात पा सकते हैं। इन सभी सवालों के जवाब आपको आगे की स्लाइड में मिल जाएंगे।
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music - फोटो : social media

क्या कहती है रिसर्च

  • रिसर्च में ये साफ तौर पर बताया गया है कि संगीत थेरेपी से मानव शरीर के विभिन्न रोगों को कम किया जा सकता है। कई बार हमने देखा है कि संगीत दर्द को कम करने के लिए बेहद प्रभावी है। लेकिन अब इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है।
  • खासकर वो लोग जो स्ट्रोक से पीड़ित हैं वे म्यूजिक थेरेपी (Music therapy) से काफी हद तक सही हो सकते हैं। 
  • संगीत न केवल रोगियों का मूड सही करता है बल्कि एकाग्रता बढ़ाने और दिमाग की कार्यप्रणाली में सुधार भी करता है।
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music - फोटो : social media
  • म्यूजिक थेरेपी (Music therapy) के माध्यम से मानसिक रोग और शारीरिक रोगों को ऊंचे, मध्यम और धीमे स्वर के जरिये ठीक करने की कोशिश की जाती है। 
  • ये थेरेपी तब दी जाती है जब मरीज को बीमारी से जुड़ी दवाइयों के साथ-साथ आराम भी मिले। 
  • शोधकर्ताओं ने बताया कि संगीत थेरेपी से दिमाग की संरचना में सुधार भी होता है।

ऐसे की गई रिसर्च...

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music - फोटो : music
  • बता दें, ये रिसर्च एंजिला रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है। इस शोध के लिए 177 रोगियों को लिया गया। 
  • इस रिसर्च में तकरीबन दो साल का समय लगा। मरीज इन दो साल में करीब 675 म्यूजिक थेरेपी सत्रों (फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और क्लिनिकल साइकोलॉजी आदि जैसे उपचार) का हिस्सा बने। 
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  • रिसर्च के दौरान रोगियों ने वाद्ययंत्र जैसे ड्रम, गिटार या हाथ से बजाने वाले अन्य यंत्र का प्रयोग तो किया ही साथ ही उन्होंने टचस्क्रीन वाले उपकरणों का भी उपयोग किया।  
  • शोध में पता चला कि मरीजों पर इस थेरेपी का सकारात्मक असर हुआ है। शोधकर्ता एलेक्स ने कहा कि म्यूजिक थेरेपी रोगियों को काफी उत्साह से भर देती है। उन्होंने आगे ये भी बताया कि संगीत थेरेपी के अलावा स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपी भी काफी असरदार है।
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