विद्यार्थी (फाइल फोटो)
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अभी तक सूबे की सरकार द्वारा संचालित सरकारी स्कूलों में छात्रों को दूसरी भाषा के विकल्प के रूप में भूटिया, नेपाली, लेप्चा और लिम्बु को दूसरी भाषा के रूप में पढ़ने का विकल्प दिया जाता था अब इस सूची में सात अन्य स्थानीय भाषाओं को जोड़ा गया है। इसके साथ ही निजी स्कूलों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि तमांग, गुरुंग, मानगर, शेरपा, मुखिया, राय और नेवार समेत 11 स्थानीय भाषाओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। इस बात की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारी ने शुक्रवार को दी।
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