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PPC 2025: आपके पास स्मार्टफोन है या डंब फोन...?, सद्गुरु ने छात्र से पूछा प्रश्न, फिर बताई ये काम की बात

Sat, 15 Feb 2025 01:39 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Pariksha Pe Charcha: परीक्षा पे चर्चा के पांचवें एपिसोड में आध्यात्मिक वक्ता सद्गुरु ने छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव से निपटने के मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्होंने सोच और विचार पर नियंत्रण की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
 
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
Pariksha Pe Charcha 2025: परीक्षा पे चर्चा के पांचवें एपिसोड में मोटिवेशनल स्पीकर और आध्यात्मिक वक्ता सदगुरु ने ‘दिमाग के चमत्कार (Miracle of Mind)’ थीम के तहत छात्रों से बातचीत की। परीक्षा के दिनों में मोबाइल फोन, सोशल मीडिया सहित अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से कैसे बचा जाए...? कार्यक्रम में इस विषय पर बात करते हुए सद्गुरु (Sadhguru) ने छात्रों को कई महत्वपूर्ण मंत्र दिए। 
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube(@MyGov India)

मोबाइल फोन और सोशल मीडिया या ज्यादा सोचने से कैसे दूर रहें? 

कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र में एक छात्र द्वारा प्रश्न पूछे जाने पर सद्गुरु ने जवाब में पूछा कि वह स्मार्टफोन इस्तेमाल करता है या डंब फोन? प्रश्न के जवाब में सद्गुरु आगे कहते हैं, हम किसी ऐसे व्यक्ति को स्मार्ट कहते हैं जो आपसे ज्यादा स्मार्ट है, इसलिए अगर आप अपने से ज्यादा स्मार्ट फोन रखते हैं तो यह अच्छा नहीं है। फोन को यह तय नहीं करना चाहिए कि उसका कैसे इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बजाय, आपको यह तय करना चाहिए कि आप अपने फोन का उपयोग कैसे करेंगे। 
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube(@MyGov India)

दूसरों से आगे बढ़कर सोचने की जरूरत

दुनिया में कोई भी पर्याप्त नहीं सोचता है। सोचने और अधिक सोचने, यानी ओवरथिंकिंग के बीच का अंतर विचार की एक सचेत प्रक्रिया है। इसका सबसे अच्छा समाधान है अपने विचारों को नियंत्रित करना और उन्हें आजाद रखना। अगर कोई दूसरों से आगे सोचने की बजाय सिर्फ उनके बराबर सोचता है, तो वह कुछ खास हासिल नहीं कर सकता। लेकिन जब आप सबकी सोच से आगे बढ़कर सोचते हैं, तभी आप कुछ मूल्यवान हासिल कर सकते हैं।

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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube(@MyGov India)

मेडिटेशन का मतबल समझाया

सद्गुरु ने कहा कि, ‘आप क्या है और आप क्या करते हैं? इन दोनों का सार्थक होना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा नहीं है तो गड़बड़ है। मेडिटेशन यही काम करता है। आप कहीं बैठे हैं और दिमाग-शरीर वहां नहीं है, यानी आपका दिमाग बिना आपकी इजाजत कहीं भी दौड़ रहा। आपका अपने दिमाग और शरीर को पर नियंत्रण होना चाहिए, इन्हें अपने कहने पर चलाइए। इसके लिए मेडिटेशन बहुत मददगार होता है।
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube(@MyGov India)

तनाव से कैसे निपटें?

बोर्ड परीक्षा के कारण आने वाले तनाव से निपटने के बारे में बात करते हुए सद्गुरु ने छात्रों को बताया कि पाठ्यपुस्तक बुद्धिमत्ता के लिए चुनौती नहीं है, इसलिए उन्हें मजेदार बनाएं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं और आपने परीक्षा में क्या प्रदर्शन किया है। आप इसे अनावश्यक रूप से अप्रोच करके मुश्किल बनाते है। इसलिए छात्रों को चाहिए कि वे अपनी पाठ्यपुस्तकों को प्लेफुल बनाएं, इससे वह आपके लिए चुनौतीपूर्ण नहीं रहेंगी।
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