गणतंत्र दिवस 2020:
इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की थी वह था राष्ट्रपति भवन में होने वाला रात्रिभोज। पंडित नेहरू अपनी बेटी इंदिरा गांधी के साथ वहां मौजूद थे, उनके साथ कई अन्य नेता जैसे राजेंद्र प्रसाद, सरदार पटेल, मौलाना आजाद, सरदार बलदेव सिंह और कपूरथला की राजकुमारी अमृत कौर भी मौजूद थे।
कश्मीरी गेट इलाके में रहने वाले पंडित रामचंदर उस समय 90 साल के थे, उन्होंने याद करते हुए बताया था कि उन्होंने कभी भी दिल्ली को इतने भव्य रूप में नहीं देखा था, यहां तक कि रानी विक्टोरिया की गोल्डन जुबली के वक्त भी नहीं।
सर हेनरी गिड्नी ने उस वक्त एक बात कही थी, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा था कि भारत वह धरती है जहां सभ्यता अपने चरम तक पहुंच चुकी थी, वह अब दोबारा उसी सभ्यता को प्राप्त करने की तरफ कदम बढ़ाएगा। हेनरी का जन्म 1873 में हुआ था और उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में अंग्रेजों के अभियान में हिस्सा लिया था।
अपने इस कथन के साथ वे एक तरह से महान जर्मन भाषाविद मैक्स म्युलर की बात दोहरा रहे थे। मैक्स म्युलर ने कहा था, गणतंत्र दिवस की इस धूमधाम के बीच, रौशनी की चमक बिखेरते अंतिम दिए के बुझने से पहले, तमाम मुशायरों और कवि सम्मेलनों के जरिए इस यादगार मौके पर वह स्वप्न जीवित रहना चाहिए, अल्लामा इकबाल के ये अमर शब्द हमेशा फिजाओं में गूंजते रहने चाहिए-
''हिंदी हैं हम, वतन हैं, हिन्दुस्तान हमारा!''