फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस देश में एक करोड़ से ज्यादा लोग पी रहे हैं जहरीला पानी, क्या कहती है पर्यावरण एजेंसी की रिपोर्ट?

Fri, 24 Jan 2020 12:02 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
पानी - फोटो : pixabay
अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाता है। पर विडंबना ये है कि इस देश के नागरिक संक्रमित पानी पीने के लिए विवश हैं। पर्यावरण एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कई जगहों पर पानी में फॉरेवर केमिकल के अंश पाए गए हैं। बता दें कि इन जगहों में मियामी, फिलाडेल्फिया और न्यू ऑरलियन्स सहित कई स्थान शामिल हैं। 

आखिर क्या कहती है पर्यावरण एजेंसी की रिपोर्ट? और फॉरेवर केमिकल कैसे पहुंचा सकता है मानव शरीर को नुकसान? इन सब सवालों के जवाब मिलेंगे यहां। पढ़ते हैं आगे..
विज्ञापन

2 of 5
- फोटो : PTI
क्या है फॉरेवर केमिकल? 
  • यह एक ऐसा कमिकल है जो पानी के सम्पर्क में आते ही उसमें ऐसे घुल जाता है मानों जल में नमक। 
  • यह केमिकल PFAS संक्रमण का ही एक प्रकार होता है।
  • पानी में अगर ये केमिकल घुल जाता है तो गंभीर बीमारी जैसे- गर्भाशय रोग, लीवर डैमेज, कैंसर आदि रोग होने की ज्यादा संभावना रहती है। 

क्या कहती है रिपोर्ट?

विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
  • Environmental Working Group (EWG) एनवायर्नमेंटल वर्किंग ग्रूप की रिपोर्ट के मुताबिक, एक करोड़ से भी ज्यादा उम्मीदवार इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। 
  • संक्रमित पानी के कारण उनकी जिंदगी पर हर वक्त एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। 
  • EWG यानी एनवायर्नमेंटल वर्किंग ग्रूप के सीनियर साइंटिस्ट डेविड एंड्र्यू का इस रिपोर्ट को तैयार करने में एक महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने इस विषय पर बताया है कि ये केमिकल पानी में पूर्ण रूप से घुल गया है। पानी से इस केमिकल को दूर करना नामुमकिन है। 
  • पर्यावरण में मौजूद ये केमिकल पानी को दूषित कर रहे हैं। 

कहां किया जाता है इस केमिकल का इस्तेमाल? 

 

4 of 5
water
  •  डेविड एंड्र्यू के अनुसार कुछ प्रोडेक्ट्स में इस केमिकल का प्रयोग धड़ल्ले के साथ होता है। 
  •  टेफ्लॉन, स्कॉचगार्ड और फायरफाइटिंग फोम जैसे प्रोडक्ट्स में इसका इस्तेमाल होता है।

पानी पर कैसे की गई रिसर्च...

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
water
  • सबसे पहले अमेरिका देश के 31 राज्यों में वाशिंगटन डीसी के साथ 44 जगहों से जल का सैंपल लिया गया।   
  • उसके बाद लिए गए सैंपल्स को जांचा गया और इसमें PFAS कितनी मात्रा में घुला है इसका पता लगाया गया।
  • सभी जगहों पर PFAS की मात्रा पाई गई। बस मिसीसिपी के इलाके में इसकी मात्रा पानी में नहीं मिली। इसके अलावा अल्बामा में भी इस केमिकल की कम मात्रा पाई गई। 
  • पानी के अलावा संक्रमण से होने वाली बीमारियों का भी अध्ययन किया गया। इसी के आधार पर साइंटिस्ट ने माना कि ये केमिकल स्वास्थ के लिए हानिकारक है।
  • एंड्र्यू ने बताया कि एक बड़ी संख्या जहरीला केमिकल मिश्रित जल पीने के लिए बाध्य है। 
ये भी पढ़ें- भारत का राजचिह्न : जानें क्या दर्शाते हैं इसके चारों शेर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें