कोरोना महामारी के संबंध में एक सीए छात्रा का सीए इंस्टीट्यूट को सुझाव देना, उसे ही भारी पड़ गया था, लेकिन अदालत ने छात्रा को राहत प्रदान की है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने आईसीएआई यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की जमकर खिंचाई की है।
हाईकोर्ट ने लताड़ लगाते हुए आईसीएआई को छात्रा का परिणाम रोकने के लिए फटकारा है और आलोचना को सकारात्मक लेने की नसीहत भी दी है। सीए इंस्टीट्यूट यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने उस छात्रा का परिणाम रोकते हुए उसे ई-मेल किया था। इसके बाद जब छात्रा ने अदालत का रुख किया था।
अदालत ने संस्थान को आत्मनिरीक्षण करने की नसीहत दी है। साथ ही उसे अपनी वेबसाइट पर छात्रा के परिणाम उचित प्रदर्शन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही अदालत ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया को याचिकाकर्ता को 20,000 रुपये की लागत का भुगतान करने और 30 दिनों के भीतर उसकी मार्कशीट जारी करने का आदेश दिया है।